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पुलिस की पाठशाला: एसीपी बोले- डिजिटल अरेस्ट कर रहे साइबर अपराधी, हो जाएं सावधान; छात्राएं डरें नहीं... मदद लें

Sat, 29 Jun 2024 11:11 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज डेस्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज डेस्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 29 Jun 2024 11:11 PM IST
सार

पुलिस की पाठशाला में एसीपी ने कहा कि साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं। सभी लोग सावधान हो जाएं। छात्राएं डरें नहीं बल्कि मदद लें। 

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ACP Mayank Tiwari made students aware about cyber crime In Agra
पुलिस की पाठशाला में बच्चों के साथ एसीपी मयंक तिवारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एमजी रोड स्थित मोशन अकादमी में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें एसीपी मयंक तिवारी ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आगरा। सोशल मीडिया का प्रयोग लोग हद से ज्यादा कर रहे हैं। 

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कहा कि घर से निकलकर बाजार जाएं या फिर शहर से बाहर घूमने, फोटो अपडेट करते हैं, लोकेशन शेयर करते हैं। अपराधी आपकी इसी गलती का फायदा उठा लेते हैं। अपहरण और चोरी की वारदात तक हो सकती हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं। सजगता से ही बचाव हो सकता है।

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एसीपी ने कहा कि साइबर अपराधी ईमेल, लिंक भेजकर निजी जानकारी चुरा लेते हैं। इसके बाद ब्लैकमेल कर धनराशि वसूलते हैं। मोबाइल और ईमेल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड मजबूत बनाने चाहिए। एक जैसे पासवर्ड बनाने से बचना चाहिए।
 
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एसीपी ने कहा कि आजकल डिजिटल अरेस्ट करके लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। अपराधी कॉल करते हैं। परिवार के किसी अपने के ड्रग्स और रेप केस में फंसने की बात कहकर डराते हैं। कॉल काटने पर कार्रवाई का भय दिखाते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उसे व्यक्ति (बेटा और बेटी) की आवाज भी सुनाते हैं, जिसके फंसने की बात कहते हैं। इस तरह से लोग डिजिटल अरेस्ट हो जाते हैं। जब तक लोगों को पता चलता है, वह खाते में रकम डलवा चुके होते हैं।
 
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इस तरह की बात करने वालों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सबसे पहले परिवार के उस व्यक्ति को कॉल करके जानकारी कर लें कि वास्तव में ऐसा है भी या नहीं। मदद लेनी पड़े तो पुलिस को कॉल करें। किसी अनजान व्यक्ति को रकम नहीं देनी चाहिए।
 

छात्राएं डरे नहीं, मदद लें

एसीपी ने छात्राओं को भी जागरूक किया। कहा कि अगर, उन्हें कोई परेशान करता है। पीछा करता है। कॉल करके धमकी देता है तो डरना नहीं चाहिए। अपने अभिभावक को बताएं। अगर, उन्हें नहीं बता सकते तो पुलिस की सहायता लें। थानों में महिला हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मी शिकायत सुनती हैं। 112 और 1090 पर कॉल कर सकती हैं।

पाठशाला में सवाल-जवाब

सवाल : एक विद्यार्थी ने सवाल किया कि हम लोग हेलमेट नहीं पहने तो पुलिस चालान काट देती है। जुर्माना वसूलती है। मगर, पुलिस वाले बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाते हैं। उनका चालान तक नहीं कटता। उनके लिए कोई नियम नहीं होता क्या।
जवाब- एसीपी ने बताया कि आगरा पुलिस यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान कैमरों की मदद से काट रही है। कैमरे जिस किसी का फोटो खींचते हैं उनके खिलाफ ही चालान की कार्रवाई की जाती है। ऐसे में अगर पुलिस वाले भी नियम तोड़ते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होती है।
 

सवाल- छात्रा ने सवाल किया कि पुलिस वाले सुनवाई नहीं करें तो हमें क्या करना चाहिए।
जवाब- थाने स्तर पर अगर कोई नहीं सुनता है तो आप एसीपी, डीसीपी और पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में जाकर शिकायत कर सकते हैं। दोषी पुलिसकर्मी को दंडित किया जाएगा।
 

सवाल- छात्रा ने सवाल किया कि जब साइबर अपराधी लोगों की रकम ठग लेते हैं तो पुलिस से शिकायत करके क्या फायदा होगा? फिर तो रकम नहीं मिल सकती।
जवाब- साइबर क्राइम के मामले में अगर किसी खाते में रकम जमा कर दी जाती है तो तत्काल पुलिस को शिकायत करनी चाहिए। 1930 पर कॉल करें या फिर साइबर क्राइम पोर्टल पर। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी उतनी ही संभावना रकम वापसी की होती है।

विद्यार्थियों ने भी दिए जवाब

पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों से सवाल किए गए। कई विद्यार्थियों ने सवालों के सही जवाब दिए। इस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप पुस्तक भेंट की गई। इनमें अंश शर्मा, अदिति सिंह, श्रेष्ठा कौशिक, मान्या, सिद्धिमा, रुकुम, युवराज, जाह्नवी सिंघल, प्रखर, दिव्यांशु, बिदुल, ईशान अनुष्का शामिल हैं।
 

पाठशाला में मोशन अकादमी के डायरेक्टर डॉ. अरुण शर्मा, ब्रांच मैनेजर डॉ. सुजाता शर्मा, जॉइंट डायरेक्टर विशाल शर्मा, एकेडमिक हेड दिलीप कुमार मौजूद रहे। डॉ अरुण शर्मा ने विद्यार्थियों को पाठशाला में सिखाई बातों को जीवन में भी समाहित करने पर जोर दिया। 
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