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Agra: कोर्ट में वादी नहीं पहचान सका लूट के आरोपी, 31 वर्ष बाद पांच लोग बरी
Tue, 18 Oct 2022 04:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 18 Oct 2022 04:13 PM IST
सार
ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह ने 6 जनवरी 1991 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात में उसकी मां भूदेवी, भाई एवं भाभी मकान के अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। तभी पांच बदमाश मकान घुस आए थे। उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
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- फोटो : istock
विस्तार
आगरा में 31 साल पहले ट्रांस यमुना कॉलोनी में घर में घुसकर लूट के मामले में अभियोजन ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल किया, उनकी वादी पहचान तक नहीं कर सका। वादी और एक अन्य गवाह ही कोर्ट में गवाही के लिए पेश किए गए। स्पेशल जज डकैती प्रभावित क्षेत्र डॉक्टर लक्ष्मीकांत राठौर ने पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश किए।
एत्माद्दौला की ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह पुत्र राम भरोसी लाल के घर में पांच जनवरी 1991 की रात को घटना हुई थी। महेंद्र, उनकी मां, भाई और भाभी अपने कमरों में सो रहे थे। रात तकरीबन एक बजे छत के रास्ते से चाकू और तमंचे लेकर पांच बदमाश घर में सीढ़ियों के रास्ते दाखिल हो गए। सबसे पहले महेंद्र की मां को कब्जे में ले लिया। उनका शोर सुनकर वो आए। तीन बदमाशों ने उनकी मां को पकड़ रखा था।
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एत्माद्दौला की ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह पुत्र राम भरोसी लाल के घर में पांच जनवरी 1991 की रात को घटना हुई थी। महेंद्र, उनकी मां, भाई और भाभी अपने कमरों में सो रहे थे। रात तकरीबन एक बजे छत के रास्ते से चाकू और तमंचे लेकर पांच बदमाश घर में सीढ़ियों के रास्ते दाखिल हो गए। सबसे पहले महेंद्र की मां को कब्जे में ले लिया। उनका शोर सुनकर वो आए। तीन बदमाशों ने उनकी मां को पकड़ रखा था।
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जनवरी 1991 में दर्ज हुआ था मुकदमा
यह देखकर उन्होंने शोर मचाया, लेकिन बदमाशों ने महेंद्र को भी पकड़ लिया। इसके बाद अलमारी की चाबी मांगी। मना करने पर चाकू मारकर घायल कर दिया। बाद में एक बदमाश ने उनकी मां से गहने, रुपये ले लिए। इस दौरान महेंद्र ने कहा कि वह किरायेदार है। मकान मालिक के पास अन्य चाबियां हैं। मामले में छह जनवरी 1991 को मुकदमा दर्ज हुआ।
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ये आरोपी हुए थे गिरफ्तार
पुलिस ने प्रकाश में आए आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें फतेहाबाद के गांव भीकमपुर निवासी रुमाल सिंह, हाथरस निवासी लक्ष्मीनारायण (हाल निवासी राजा मंडी), अछनेरा के मुड़ियापुरा निवासी तीरथपाल, पिनाहट निवासी राकेश कुमार और कमला नगर निवासी विश्वजीत सिंह थे। कोर्ट में आरोप पत्र भी लगाया। मगर, अभियोजन ने वादी और गवाह एक डाक्टर आलोक कुमार शर्मा को कोर्ट में पेश किया।बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रमेश बाबू ने तर्क दिए। स्पेशल जज डकैती प्रभावित क्षेत्र डॉक्टर लक्ष्मीकांत राठौर ने पांचों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।