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Agra News: जानलेवा हमले का आरोपी सदाचार की शर्त पर रिहा
Thu, 04 Sep 2025 11:45 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:45 PM IST
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मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र में छह साल पहले एक युवक पर जानलेवा हमला करने वाले को डेढ़ साल तक सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में हुई है। घायल को क्षतिपूर्ति के रूप में आरोपी सात दिन के अंदर एक लाख रुपया भी अदा करने का आदेश दिया है।
थाना कुरावली के गांव गनेशपुर की रहने वाली दुरोपा देवी ने दो सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि एक सितंबर को शाम छह बजे उनका पुत्र राजपाल ट्रक लेकर घर आया था। तभी गांव के धीरज, नीरज, तेजसिंह, यादवेंद्र घर में घुस आए। राजपाल के ऊपर फायर किया। इससे वह घायल हो गया। जिला अस्पताल से हालत गंभीर होने पर उसको आगरा भेजा गया। पुलिस ने जांच करने के बाद नीरज, तेजसिंह, यादवेंद्र के नाम निकाल दिए। धीरज के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में हुई। एडीजीसी पुष्पेंद्र कुमार दुबे ने वादी और घायल सहित सात की गवाही कराई। गवाही के आधार पर धीरज को दोषी पाया गया। धीरज के वकील की मांग पर उसको डेढ़ साल तक सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। घायल को क्षतिपूर्ति के रूप में सात दिन के अंदर एक लाख रुपया अदा करने का आदेश दिया गया है।
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थाना कुरावली के गांव गनेशपुर की रहने वाली दुरोपा देवी ने दो सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि एक सितंबर को शाम छह बजे उनका पुत्र राजपाल ट्रक लेकर घर आया था। तभी गांव के धीरज, नीरज, तेजसिंह, यादवेंद्र घर में घुस आए। राजपाल के ऊपर फायर किया। इससे वह घायल हो गया। जिला अस्पताल से हालत गंभीर होने पर उसको आगरा भेजा गया। पुलिस ने जांच करने के बाद नीरज, तेजसिंह, यादवेंद्र के नाम निकाल दिए। धीरज के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में हुई। एडीजीसी पुष्पेंद्र कुमार दुबे ने वादी और घायल सहित सात की गवाही कराई। गवाही के आधार पर धीरज को दोषी पाया गया। धीरज के वकील की मांग पर उसको डेढ़ साल तक सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। घायल को क्षतिपूर्ति के रूप में सात दिन के अंदर एक लाख रुपया अदा करने का आदेश दिया गया है।
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