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UP: दंपती और मासूम बच्ची को मारकर गटर में फेंका..मां-बाप ने इसलिए कराई थी हत्या, 12 बाद पकड़ा 50 हजार का इनामी
Tue, 14 Oct 2025 09:39 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 14 Oct 2025 09:39 PM IST
सार
हत्या के बाद करीम फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। परिजन उसे मृत बताते थे। अब पुलिस ने 50 हजार के इनामी को 12 साल बाद पकड़ा है।
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गिरफ्तार आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में 12 साल पहले मां-पिता ने बेटे, दिव्यांग बहू और दो साल की पाैत्री की बेरहमी से हत्या कराकर शवों को गटर में फेंक दिया था। इस हत्याकांड को 20 हजार की सुपारी लेकर पेंट कारीगरों ने अंजाम दिया था। एक कारीगर और आरोपी दंपती को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। हत्याकांड को अंजाम देकर फरार हुए चाैथे आरोपी 55 वर्षीय करीम उर्फ बुंदा को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह नाम बदलकर अलीगढ़ में रह रहा था। परिजन और परिचितों के सामने खुद को मृत दर्शाकर आराम की जिंदगी जी रहा था।
वर्ष 2013 में सिकंदरा के केके नगर निवासी शानू, उनकी पत्नी आसमां और दो साल की बेटी छोटी की बेरहमी से हत्या हुई थी। शानू का गला रेता गया था, जबकि आसमां और छोटी को गला दबाकर मारा गया था। तीनों के शव एक गटर में पड़े मिले थे। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए शानू के पिता अनवर, मां बेबी और गुलशेर को गिरफ्तार किया था।
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वर्ष 2013 में सिकंदरा के केके नगर निवासी शानू, उनकी पत्नी आसमां और दो साल की बेटी छोटी की बेरहमी से हत्या हुई थी। शानू का गला रेता गया था, जबकि आसमां और छोटी को गला दबाकर मारा गया था। तीनों के शव एक गटर में पड़े मिले थे। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए शानू के पिता अनवर, मां बेबी और गुलशेर को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया था कि शानू ने प्रेम विवाह किया था। उसकी पत्नी आसमां दिव्यांग थी। इस कारण अनवर नहीं चाहते थे कि वो उससे निकाह करे। शादी के बाद वो बहू को परेशान करने लगे। इस पर आसमां के घरवालों ने दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। इसमें पति, सास, ससुर, देवर सहित चार अन्य को भी नामजद किया।
इससे सास-ससुर बहू से खुन्नस मानने लगे। उन्होंने उसकी हत्या की योजना बनाई। उन्हें शक था कि अकेले बहू की हत्या कराएंगे तो बेटा शानू नाराज होकर पुलिस को बता देगा, इसलिए उसके पूरे परिवार को खत्म करने के लिए सुपारी दी थी।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार के मुताबिक, अनवर ने बेटे-बहू और पाैत्री की हत्या की सुपारी गुलशेर और उसके साथी करीम उर्फ बुंदा को 10-10 रुपये में दी थी। गुलशेर शमसाबाद के मानपुरा का रहने वाला था। करीम मूलरूप से जोगीपुरा, हाथरस गेट, हाथरस का रहने वाला है। दोनों शिवाकुंज में किराये पर घर लेकर रह रहे थे। हत्या के बाद करीम फरार हो गया था।
जेल भेजे गए तीनों आरोपियों को वर्ष 2013 में ही आजीवन कारावास की सजा हुई थी मगर करीम हाथ नहीं आ सका था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वो नहीं मिल सका। परिजन उसकी माैत होने के बारे में बताते थे। इस पर उसके घर की कुर्की करा दी गई। उसका स्थायी वारंट भी जारी करा दिया था, जिससे जब भी गिरफ्तारी की जाए, उसी वारंट पर जेल भेजा जा सके। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
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