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Agra: चोरी और हत्या के दो आरोपी 15 साल बाद बरी, सैंया थाने में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
Tue, 24 Mar 2026 09:59 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 09:59 AM IST
सार
आगरा में चोरी और हत्या के एक मामले में 15 साल बाद सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया। पुलिस न तो माल बरामद कर सकी और न ही आरोपियों की पहचान प्रक्रिया पूरी कर पाई, जिससे केस कमजोर हो गया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में चोरी के दौरान महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में 15 साल बाद ठोस साक्ष्य के अभाव में एडीजे-1 पुष्कर उपाध्याय ने दो आरोपियों को बरी कर दिया। पुलिस न तो आरोपियों से माल बरामद कर सकी न ही गिरफ्तारी के बाद उनकी शिनाख्त कराई थी।
थाना सैंया में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव खेरागढ़ निवासी भोजराज ने तहरीर देकर बताया था कि 3 मई, 2010 की रात वह परिजन के साथ घर पर सो रहे थे। देर रात अज्ञात लोग घर के अंदर घुस आए। उनकी तीन बकरियां, पीतल के बर्तन व अन्य सामान चोरी कर लिया। खटपट की आवाज सुनकर उनकी पत्नी शकुंतला देवी (38) की नींद खुल गई। शोर मचाकर उन्होंने एक बदमाश को पकड़ लिया।
अन्य बदमाशों ने अपने साथी को घिरता देख शकुंतला को गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद चोरी के सामान को वाहन में भरकर बदमाश ले गए। पुलिस ने विवेचना के दौरान अन्य मामलों में जिला बागपत के बड़ौत निवासी आरोपी प्रेम और किरावली निवासी महेश, लाला उर्फ वकील और कागारौल निवासी बीरी के घटना कबूल करने पर उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी बीरी सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई। लाला उर्फ वकील की मौत हो गई थी।
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थाना सैंया में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव खेरागढ़ निवासी भोजराज ने तहरीर देकर बताया था कि 3 मई, 2010 की रात वह परिजन के साथ घर पर सो रहे थे। देर रात अज्ञात लोग घर के अंदर घुस आए। उनकी तीन बकरियां, पीतल के बर्तन व अन्य सामान चोरी कर लिया। खटपट की आवाज सुनकर उनकी पत्नी शकुंतला देवी (38) की नींद खुल गई। शोर मचाकर उन्होंने एक बदमाश को पकड़ लिया।
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अन्य बदमाशों ने अपने साथी को घिरता देख शकुंतला को गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद चोरी के सामान को वाहन में भरकर बदमाश ले गए। पुलिस ने विवेचना के दौरान अन्य मामलों में जिला बागपत के बड़ौत निवासी आरोपी प्रेम और किरावली निवासी महेश, लाला उर्फ वकील और कागारौल निवासी बीरी के घटना कबूल करने पर उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी बीरी सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई। लाला उर्फ वकील की मौत हो गई थी।
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