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Health: घर और ऑफिस में बैठकर ले रहे हैं AC का मजा, हो सकती है ये गंभीर बीमारी; बच्चों के लिए भी खतरा
Sat, 20 Jun 2026 09:37 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 20 Jun 2026 09:37 AM IST
सार
भीषण गर्मी और धूप से सीधे एसी में जाने के कारण स्किन एलर्जी, खुजली, घमौरियां और रैशेज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सनस्क्रीन, मॉइश्चराइजर और पसीना तुरंत साफ करने की सलाह देते हुए बच्चों की त्वचा को सूखा रखने पर जोर दिया है।
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एसी
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
पिछले तीन-चार दिन से पड़ रही भीषण गर्मी त्वचा को बीमार कर रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में स्किन एलर्जी, खुजली, लाल चकत्ते, घमौरियां और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप के बाद लोग सीधे एसी या अत्यधिक ठंडे वातावरण में चले जाते हैं, जिससे त्वचा पर एलर्जी की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
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त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज ये समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि तेज धूप और अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणों के संपर्क में आने के बाद अचानक ठंडे वातावरण या एसी में जाने से शरीर की त्वचा प्रतिक्रिया करती है, जिससे स्किन एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। लगातार पसीना आने और त्वचा गीली रहने से भी संक्रमण और एलर्जी बढ़ जाती है।
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डॉ. चाहर ने बताया कि लोगों को चाहिए कि वे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें, सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर जाएं। पसीना आए तो तुरंत पोछें। बच्चों पर गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। 15 से 20 बच्चे रोजाना घमौरियां, लाल दाने, खुजली और त्वचा में रैशेज की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चों को जरूरत से ज्यादा कपड़े न पहनाएं।
जहां-जहां त्वचा मुड़ती है जैसे कोहनी के अंदरूनी हिस्से, घुटनों के पीछे, गर्दन और जांघों के बीच विशेष सफाई और सूखापन बनाए रखें। देर तक पसीना जमा रहने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर चाहर ने सलाह दी है कि छोटे बच्चों को लगातार लंबे समय तक डायपर न पहनाएं। बीच-बीच में डायपर हटाकर त्वचा को खुली हवा लगने दें। त्वचा जितनी देर तक गीली रहेगी संक्रमण और रैशेज का खतरा उतना ही अधिक रहेगा।