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Agra News: आगरा की क्रिकेट पाठशाला से पाकिस्तान का नन्हा बल्लेबाज सीख रहा हुनर
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अरहम आजम
आगरा। क्रिकेट की कोई सरहद नहीं होती... इस पार भारत और उस तरफ पाकिस्तान। बीच में सिर्फ एक स्क्रीन और क्रिकेट का जुनून। ताजनगरी की क्रिकेट पाठशाला अब सरहद पार बहावलनगर के नौ साल के नन्हे बल्लेबाज अरहम आजम का हुनर तराश रही है। भारतीय क्रिकेट के प्रशंसक उसके पिता आरिफ ने बेटे की बल्लेबाजी को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए आगरा के पूर्व इंडिया-ए क्रिकेटर और कोच केके शर्मा को गुरु बनाया है। दोनों के बीच ऑनलाइन ट्रेनिंग का यह सिलसिला क्रिकेट के जरिये एक अनोखा रिश्ता बना रहा है।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलनगर निवासी अरहम के पिता आरिफ प्रोफेसर हैं। भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका लगाव ही बेटे के प्रशिक्षण के लिए आगरा तक पहुंचने की वजह बना। वह चाहते हैं कि अरहम को छोटी उम्र से ही बल्लेबाजी की मजबूत तकनीक और सही मार्गदर्शन मिले। आरिफ ने अमर उजाला से फोन पर कहा, माशाअल्लाह, अरहम अच्छी प्रोग्रेस दिखा रहा है। उसका खेल इम्प्रूव हो रहा है। वह केके शर्मा सर से ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहा है और उनके बताए तरीके से अभ्यास करता है और अपनी कमियों को दूर करता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट का स्तर अब काफी ऊंचा हो गया है। पाकिस्तान में भी क्रिकेट को लेकर बच्चों में काफी जुनून है और प्रतिभाएं मौजूद हैं। ऐसे में बेहतर प्रशिक्षण और अनुभवी कोच का मार्गदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
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अरहम अभी बहुत छोटा है लेकिन उसमें क्रिकेट सीखने की अच्छी ललक दिखाई देती है। इस उम्र में सबसे जरूरी है कि उसकी बल्लेबाजी की बुनियाद मजबूत हो। हम तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। -केके शर्मा, कोच
नौ साल की उम्र में तय किया क्रिकेट का लक्ष्य
अरहम नियमित ऑनलाइन सत्रों में कोच के निर्देशों के मुताबिक अभ्यास करता है और अपनी बल्लेबाजी के वीडियो साझा कर फीडबैक लेता है। नौ साल की उम्र में ही उसने क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया है।
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलनगर निवासी अरहम के पिता आरिफ प्रोफेसर हैं। भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका लगाव ही बेटे के प्रशिक्षण के लिए आगरा तक पहुंचने की वजह बना। वह चाहते हैं कि अरहम को छोटी उम्र से ही बल्लेबाजी की मजबूत तकनीक और सही मार्गदर्शन मिले। आरिफ ने अमर उजाला से फोन पर कहा, माशाअल्लाह, अरहम अच्छी प्रोग्रेस दिखा रहा है। उसका खेल इम्प्रूव हो रहा है। वह केके शर्मा सर से ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहा है और उनके बताए तरीके से अभ्यास करता है और अपनी कमियों को दूर करता है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट का स्तर अब काफी ऊंचा हो गया है। पाकिस्तान में भी क्रिकेट को लेकर बच्चों में काफी जुनून है और प्रतिभाएं मौजूद हैं। ऐसे में बेहतर प्रशिक्षण और अनुभवी कोच का मार्गदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
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अरहम अभी बहुत छोटा है लेकिन उसमें क्रिकेट सीखने की अच्छी ललक दिखाई देती है। इस उम्र में सबसे जरूरी है कि उसकी बल्लेबाजी की बुनियाद मजबूत हो। हम तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। -केके शर्मा, कोच
नौ साल की उम्र में तय किया क्रिकेट का लक्ष्य
अरहम नियमित ऑनलाइन सत्रों में कोच के निर्देशों के मुताबिक अभ्यास करता है और अपनी बल्लेबाजी के वीडियो साझा कर फीडबैक लेता है। नौ साल की उम्र में ही उसने क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया है।