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Agra News: ताज तक पहुंचने वाली प्रदूषित हवाओं का बनेगा रिकॉर्ड
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आगरा। ताजमहल के आसपास की हवा कितनी प्रदूषित है, इसका रिकॉर्ड अब यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) तैयार करेगा। बोर्ड ने ताज क्षेत्र में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करने के लिए शासन के माध्यम से सेंट्रल इम्पाॅवर्ड कमेटी (सीईसी) के पास आवेदन किया है।
इस सिस्टम के लगने के बाद क्षेत्र में वायु गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकेगी। इस रिकाॅर्ड का फायदा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ताज व आसपास के अन्य स्थलों की देखरेख की रणनीति बनाने में होगा। दरअसल, एयर एक्शन प्लान से लेकर आईआईटी और नीरी की रिपोर्ट में राजस्थान से आ रही धूल भरी हवाओं के कारण पीएम कणों में इजाफा बताया गया था।
भरतपुर व अन्य जिलों की ओर से आगरा आने वाली हवाओं के साथ आ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए सीकरी और आगरा के बीच हरियाली बढ़ाने और ऊंचे पेड़ लगाने की सिफारिश की गई थी। साथ ही जगह-जगह एयर क्वालिटी माॅनिटरिंग सिस्टम लगाने की भी सिफारिश की गई थी ताकि हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके।
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इससे ताज पर कहां से और कितना प्रदूषण पहुंच रहा है, इसकी जांच में आसानी होगी।यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि हाल ही में बोर्ड से फतेहपुर सीकरी में सिस्टम लगाने की मंजूरी मिली है। ताज क्षेत्र में भी सिस्टम लगाने की प्रक्रिया चल रही है। मंजूरी मिलने पर इस क्षेत्र में भी सीएएक्यूएमएस लगाया जाएगा।
इस सिस्टम के लगने के बाद क्षेत्र में वायु गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकेगी। इस रिकाॅर्ड का फायदा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ताज व आसपास के अन्य स्थलों की देखरेख की रणनीति बनाने में होगा। दरअसल, एयर एक्शन प्लान से लेकर आईआईटी और नीरी की रिपोर्ट में राजस्थान से आ रही धूल भरी हवाओं के कारण पीएम कणों में इजाफा बताया गया था।
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भरतपुर व अन्य जिलों की ओर से आगरा आने वाली हवाओं के साथ आ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए सीकरी और आगरा के बीच हरियाली बढ़ाने और ऊंचे पेड़ लगाने की सिफारिश की गई थी। साथ ही जगह-जगह एयर क्वालिटी माॅनिटरिंग सिस्टम लगाने की भी सिफारिश की गई थी ताकि हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके।
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इससे ताज पर कहां से और कितना प्रदूषण पहुंच रहा है, इसकी जांच में आसानी होगी।यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि हाल ही में बोर्ड से फतेहपुर सीकरी में सिस्टम लगाने की मंजूरी मिली है। ताज क्षेत्र में भी सिस्टम लगाने की प्रक्रिया चल रही है। मंजूरी मिलने पर इस क्षेत्र में भी सीएएक्यूएमएस लगाया जाएगा।