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Agra: स्वाइन फ्लू की जकड़ में आई महिला, बेटी के घर आई थी...आइसोलेशन वार्ड में भर्ती
Mon, 16 Sep 2024 09:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Sep 2024 09:38 AM IST
सार
मुजफ्फरनगर से बेटी के घर आई महिला स्वाइन फ्लू की जकड़ में आ गई है। उसे एसएन के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। महिला के संपर्क वालों के भी नमूने लिए जाएंगे।
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स्वाइन फ्लू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरनगर की 55 साल की महिला को स्वाइन फ्लू (एच1एन1) हुआ है। निजी लैब की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हालत खराब होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह अपनी बेटी के घर आई थीं। दोबारा नमूना लेकर एसएन की वायरोलॉजी लैब में जांच कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 8-10 दिन पहले मुजफ्फरनगर की 55 साल की महिला अपनी बेटी के घर आई थीं। बेटी सिकंदरा क्षेत्र में रहती है। 4-5 दिन पहले बुखार आने और सांस लेने में तकलीफ होने पर निजी अस्पताल में इलाज कराया। निजी लैब में नमूना जांच के लिए भेजा, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट आने के बाद मरीज को एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रैपिड रिस्पांस टीम को इसके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाकर नमूने लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। डॉ. एके निगम ने बताया कि मरीज को बुखार है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है। निमोनिया भी है। ऑक्सीजन दी जा रही है। आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।
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हाथों को साफ रखें, मास्क लगाएं
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर बुखार नहीं उतर रहा, खांसी-गले में खराश है, सर्दी लगना, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत हो रही है और शरीर में दर्द है तो जांच कराना जरूरी है। यह संक्रामक बीमारी है। खांसने, छींकते वक्त निकले अति सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने पर ये दूसरे को भी हो सकता है। इससे बचने के लिए हाथों को साफ रखें, मास्क लगाकर रखें।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 8-10 दिन पहले मुजफ्फरनगर की 55 साल की महिला अपनी बेटी के घर आई थीं। बेटी सिकंदरा क्षेत्र में रहती है। 4-5 दिन पहले बुखार आने और सांस लेने में तकलीफ होने पर निजी अस्पताल में इलाज कराया। निजी लैब में नमूना जांच के लिए भेजा, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
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रिपोर्ट आने के बाद मरीज को एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रैपिड रिस्पांस टीम को इसके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाकर नमूने लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। डॉ. एके निगम ने बताया कि मरीज को बुखार है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है। निमोनिया भी है। ऑक्सीजन दी जा रही है। आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।
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हाथों को साफ रखें, मास्क लगाएं
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर बुखार नहीं उतर रहा, खांसी-गले में खराश है, सर्दी लगना, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत हो रही है और शरीर में दर्द है तो जांच कराना जरूरी है। यह संक्रामक बीमारी है। खांसने, छींकते वक्त निकले अति सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने पर ये दूसरे को भी हो सकता है। इससे बचने के लिए हाथों को साफ रखें, मास्क लगाकर रखें।