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भूटान की महारानी ने निहारी मुगलिया तामीर
Agra
Updated Wed, 16 Jan 2013 05:30 AM IST
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फतेहपुर सीकरी। भूटान की महारानी मंगलवार को वर्ल्ड हैरीटेज सीकरी के स्मारकों की मुगलिया तामीर को देख अभिभूत हो उठीं। स्मारकों के अवलोकन के बाद उन्होंने हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में चादरपोशी कर मत्था टेका।
भूटान की महारानी आशी संगे सोडन वानचुक अपने 18 सदस्यीय दल के साथ मंगलवार प्रात: 11 बजे सीकरी के स्मारकों को निहारने पहुंचीं। जहां उनकी अगवानी एडीएम प्रोटोकाल राधाकिशन, एसडीएम एमपी सिंह, सीओ विवेक त्रिपाठी समेत आला अधिकारियों ने की। इस दौरान महारानी ने दीवाने आम, दीवाने खास, चौपड़, जोधबाई पैलेस आदि स्मारकों को निहारा। पंचमहल के प्रथम द्वितीय, तृतीय और पंचम तल पर उसके स्तंभों के शिल्प कला को बारीकी से देखा और मुगलिया वास्तुकला से प्रभावित हुई। इसके बाद महारानी हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में पहुंची। जहां सैफ फरीदी चिश्ती ने उनसे चादरपोशी कराई। इस दरम्यान महारानी ने बुलंद दरवाजे का भी अवलोकन किया और शाही कव्वालों से कव्वालियां सुनीं। बताते चलें गत वर्ष भूटान की राजमाता भी सीकरी में आ चुकी हैं। इससे पूर्व भूटान नरेश भी यहां आ चुके हैं।
इनसेट बाक्स.....
विशेष आग्रह पर खोला पंचमहल
महारानी का विशेष आग्रह था कि वह पंचमहल का भी दीदार करें। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों और प्रबंधन कमेटी से इच्छा जाहिर की। इस पर तत्काल पंचमहल स्मारक के गेट खोल दिए गए। वहां स्तंभों की शिल्पकला को देख वे मंत्रमुग्ध हो गईं। वहां उन्होंने अपने दल के साथ फोटो भी खिंचाए। बता दें कि आम पर्यटकों के लिए पंचमहल स्मारक बंद रहता है।
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भूटान की महारानी आशी संगे सोडन वानचुक अपने 18 सदस्यीय दल के साथ मंगलवार प्रात: 11 बजे सीकरी के स्मारकों को निहारने पहुंचीं। जहां उनकी अगवानी एडीएम प्रोटोकाल राधाकिशन, एसडीएम एमपी सिंह, सीओ विवेक त्रिपाठी समेत आला अधिकारियों ने की। इस दौरान महारानी ने दीवाने आम, दीवाने खास, चौपड़, जोधबाई पैलेस आदि स्मारकों को निहारा। पंचमहल के प्रथम द्वितीय, तृतीय और पंचम तल पर उसके स्तंभों के शिल्प कला को बारीकी से देखा और मुगलिया वास्तुकला से प्रभावित हुई। इसके बाद महारानी हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में पहुंची। जहां सैफ फरीदी चिश्ती ने उनसे चादरपोशी कराई। इस दरम्यान महारानी ने बुलंद दरवाजे का भी अवलोकन किया और शाही कव्वालों से कव्वालियां सुनीं। बताते चलें गत वर्ष भूटान की राजमाता भी सीकरी में आ चुकी हैं। इससे पूर्व भूटान नरेश भी यहां आ चुके हैं।
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विशेष आग्रह पर खोला पंचमहल
महारानी का विशेष आग्रह था कि वह पंचमहल का भी दीदार करें। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों और प्रबंधन कमेटी से इच्छा जाहिर की। इस पर तत्काल पंचमहल स्मारक के गेट खोल दिए गए। वहां स्तंभों की शिल्पकला को देख वे मंत्रमुग्ध हो गईं। वहां उन्होंने अपने दल के साथ फोटो भी खिंचाए। बता दें कि आम पर्यटकों के लिए पंचमहल स्मारक बंद रहता है।
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