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मोहर्रम: आज से होगा जिक्र-ए-हुसैन
Agra
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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आगरा। गुरुवार को चांद दिखने के साथ ही शुक्रवार से इस्लामिक नये साल की शुरुआत हो जाएगी। मोहर्रम को देखते हुए शहर में इमामबाड़ा, अजाखानों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शिया समुदाय के इमामबाड़ों में अलम सजा दिए गए हैं। चांद दिखते ही औरतों की मजलिस और मातम शुरू हो गया। शुक्रवार से उलमा जिक्र-ए-करबला शुरू करेंगे।
गुरुवार को चांद दिखने के साथ ही हिजरी 1433 विदा हो गई। 1434 हिजरी की पहली तारीख से शहर में जिक्र-ए-हुसैन शुरू हो जाएगा। शिया समुदाय के सभी इमामबाड़ों में तैयारियां पूरी कर अलमों को सजा दिया गया है। इमामबाड़ों में रंग रोगन, मरम्मत, बिजली का इंतजाम, बैठने की जगह आदि काम पूरा किया गया है। मजलिसों को खिताब करने के लिए बाहर से उलमा शहर में आ चुके हैं। शिया समुदाय की औरतें शोक मनाना शुरू कर देंगी। वह सुहाग की निशानी उतार देती हैं। सवा दो महीने तक केवल काले लिबास में रहती हैं। वहीं, पुरुष चेन और अंगूठी उतार देते हैं।
मोहर्रम की एक से लेकर 10 तारीख तक निम्म स्थानों पर होंगे कार्यक्रम।
चांद की तारीख क्षेत्र
चार वजीरपुरा
पांच बालूगंज
छह ताजगंज
सात घटिया मामू भांजा
आठ सदर
नौ नाई की मंडी
दस शाहगंज और न्यू आगरा करबला
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गुरुवार को चांद दिखने के साथ ही हिजरी 1433 विदा हो गई। 1434 हिजरी की पहली तारीख से शहर में जिक्र-ए-हुसैन शुरू हो जाएगा। शिया समुदाय के सभी इमामबाड़ों में तैयारियां पूरी कर अलमों को सजा दिया गया है। इमामबाड़ों में रंग रोगन, मरम्मत, बिजली का इंतजाम, बैठने की जगह आदि काम पूरा किया गया है। मजलिसों को खिताब करने के लिए बाहर से उलमा शहर में आ चुके हैं। शिया समुदाय की औरतें शोक मनाना शुरू कर देंगी। वह सुहाग की निशानी उतार देती हैं। सवा दो महीने तक केवल काले लिबास में रहती हैं। वहीं, पुरुष चेन और अंगूठी उतार देते हैं।
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मोहर्रम की एक से लेकर 10 तारीख तक निम्म स्थानों पर होंगे कार्यक्रम।
चांद की तारीख क्षेत्र
चार वजीरपुरा
पांच बालूगंज
छह ताजगंज
सात घटिया मामू भांजा
आठ सदर
नौ नाई की मंडी
दस शाहगंज और न्यू आगरा करबला