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खंदी लगने से छह सौ बीघा फसल जलमग्न
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माइनर की खंदी कटने से फसल जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला डेमाे
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मैनपुरी- बिछवां। बिछवां से निकली नहर में खंदी लगने से खेतों में खड़ी किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे किसानों ने कड़ी मशक्कत करके खंदी बंद की। फसल जलमग्न होने से पीड़ित किसानों ने डीएम से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बिछवां से होकर निकली नहर में मंगलवार की रात खंदी लग गई। नहर में पानी का तेज बहाव होने से देखते-देखते किसानों की करीब छह सौ बीघा में खड़ी गेहूं, सरसों, लहसुन की फसलें जलमग्न हो गईं। रात में ही जानकारी होने पर सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए। किसानों ने कड़ी मशक्कत करके बुधवार की दोपहर खंदी बंद की।
तब तक खेतों में पानी भर चुका था। किसानों का आरोप है कि नहर की सही तरीके से साफ सफाई नहीं की गई है। इसके चलते पानी का तेज बहाव होने से खंदी लग गई है। नहर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है।
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खंदी बंद करने में छूटे पसीने
मंगलवार की रात नहर में लगी खंदी बंद करने में सर्दी के मौसम मेें किसानों के पसीने छूट गए। रात से शुरू की कवायद के बाद बुधवार की दोपहर ही किसान खंदी बंद कर सके। किसानों ने पानी के तेज बहाव के बीच बोरियां लगाकर खंदी को बंद किया।
नुकसान का मिले मुआवजा
नहर में खंदी लगने की मुख्य वजह समय से साफ-सफाई नहीं होना किसान बता रहे हैं। समय से साफ सफाई नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही फसल में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग पीड़ित किसानों ने की है।
इनका हुआ नुकसान
नहर में खंदी लगने से किसान सुनील सिंह, रवींद्र दिवाकर, सुरेश दिवाकर, सोनपाल, भूरे, नीतू सिंह, सुधीर, पप्पू, उमेश, कृष्ण कुमार, बबलू चौहान, गौरव सिंह, अजय, देशराज, विशुनदयाल, प्रीतम शाक्य, शिव प्रताप, राघवेंद्र सिंह, रामखिलाड़ी, प्रदीप दिवाकर को नुकसान हुआ है।
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बिछवां से होकर निकली नहर में मंगलवार की रात खंदी लग गई। नहर में पानी का तेज बहाव होने से देखते-देखते किसानों की करीब छह सौ बीघा में खड़ी गेहूं, सरसों, लहसुन की फसलें जलमग्न हो गईं। रात में ही जानकारी होने पर सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए। किसानों ने कड़ी मशक्कत करके बुधवार की दोपहर खंदी बंद की।
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तब तक खेतों में पानी भर चुका था। किसानों का आरोप है कि नहर की सही तरीके से साफ सफाई नहीं की गई है। इसके चलते पानी का तेज बहाव होने से खंदी लग गई है। नहर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है।
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खंदी बंद करने में छूटे पसीने
मंगलवार की रात नहर में लगी खंदी बंद करने में सर्दी के मौसम मेें किसानों के पसीने छूट गए। रात से शुरू की कवायद के बाद बुधवार की दोपहर ही किसान खंदी बंद कर सके। किसानों ने पानी के तेज बहाव के बीच बोरियां लगाकर खंदी को बंद किया।
नुकसान का मिले मुआवजा
नहर में खंदी लगने की मुख्य वजह समय से साफ-सफाई नहीं होना किसान बता रहे हैं। समय से साफ सफाई नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही फसल में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग पीड़ित किसानों ने की है।
इनका हुआ नुकसान
नहर में खंदी लगने से किसान सुनील सिंह, रवींद्र दिवाकर, सुरेश दिवाकर, सोनपाल, भूरे, नीतू सिंह, सुधीर, पप्पू, उमेश, कृष्ण कुमार, बबलू चौहान, गौरव सिंह, अजय, देशराज, विशुनदयाल, प्रीतम शाक्य, शिव प्रताप, राघवेंद्र सिंह, रामखिलाड़ी, प्रदीप दिवाकर को नुकसान हुआ है।