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ऋण माफी के बाद भी कर्ज से दबे अन्नदाता
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किसान
- फोटो : Social Media
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एटा। प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना जिले के किसानों के लिए वरदान नहीं बन सकी। योजना के तहत जिले में हजारों किसानों को लाभान्वित किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूदसरकारी आंकड़ों में ही साढ़े हजार किसान अभी योजना से वंचित है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। आलम यह है कि बैंक स्तर पर डाटा में गड़बड़ी और सत्यापन नहीं होने से किसान आज भी कर्ज में दबे हैं।
भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनने के बाद घोषणा पत्र की बात पूरा करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। योजना के तहत किसानों का एक लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया। जिले में योजना के तहत 63242 किसानों का चयन किया गया लेकिन जिले में ढाई हजार किसान आज भी ऋण माफी को तरस रहे हैं। किसान ऋण मोचन योजना के पोर्टल पर शिकायतें दर्ज करा रहे है। साथ ही अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
जल्दबाजी में बिगड़ी व्यवस्था
किसानों को लाभान्वित करने के लिए शुरू ऋण मोचन योजना में जल्दबाजी के चलते व्यवस्था बिगड़ गई है। बैंक अपने डाटा को ठीक से जांच नहीं सके और सत्यापन में भी कम समय मिलने से डाटा का मिलान नहीं हो सका। विभागीय अधिकारी भी मानते हैं कि शुरूआत में कार्य को बहुत जल्दबाजी में किया गया और योजना का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल सका।
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ब्याज का नहीं किया भुगतान
किसान नेता अखिल यादव ने कहा कि योजना में जिले में हजारों किसान वंचित रह गए हैं। सरकार ने 31 मार्च 2016 तक के किसानों का ऋण माफ किया लेकिन 31 मार्च 2016 से योजना का लाभ मिलने तक के समय की ब्याज नहीं दी गई। ऐसे में किसान आज भी कर्ज चुका रहे हैं।
कहते हैं आंकड़े
2.50 लाख किसान है जिले में
63242 किसानों का ऋण मोचन में हुआ था चयन
2500 किसान आज भी योजना से वंचित
ढाई हजार किसानों को अभी ऋण मोचन योजना का लाभ मिलना बाकी है। इन सभी का सत्यापन होने के बाद रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। सिर्फ 13 किसानों की अभी सत्यापन रिपोर्ट आना बाकी है। इन सभी की रिपोर्ट आने के बाद शासन को बजट के लिए पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही इन लोगों को योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
एमपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनने के बाद घोषणा पत्र की बात पूरा करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। योजना के तहत किसानों का एक लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया। जिले में योजना के तहत 63242 किसानों का चयन किया गया लेकिन जिले में ढाई हजार किसान आज भी ऋण माफी को तरस रहे हैं। किसान ऋण मोचन योजना के पोर्टल पर शिकायतें दर्ज करा रहे है। साथ ही अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
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जल्दबाजी में बिगड़ी व्यवस्था
किसानों को लाभान्वित करने के लिए शुरू ऋण मोचन योजना में जल्दबाजी के चलते व्यवस्था बिगड़ गई है। बैंक अपने डाटा को ठीक से जांच नहीं सके और सत्यापन में भी कम समय मिलने से डाटा का मिलान नहीं हो सका। विभागीय अधिकारी भी मानते हैं कि शुरूआत में कार्य को बहुत जल्दबाजी में किया गया और योजना का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल सका।
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ब्याज का नहीं किया भुगतान
किसान नेता अखिल यादव ने कहा कि योजना में जिले में हजारों किसान वंचित रह गए हैं। सरकार ने 31 मार्च 2016 तक के किसानों का ऋण माफ किया लेकिन 31 मार्च 2016 से योजना का लाभ मिलने तक के समय की ब्याज नहीं दी गई। ऐसे में किसान आज भी कर्ज चुका रहे हैं।
कहते हैं आंकड़े
2.50 लाख किसान है जिले में
63242 किसानों का ऋण मोचन में हुआ था चयन
2500 किसान आज भी योजना से वंचित
ढाई हजार किसानों को अभी ऋण मोचन योजना का लाभ मिलना बाकी है। इन सभी का सत्यापन होने के बाद रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। सिर्फ 13 किसानों की अभी सत्यापन रिपोर्ट आना बाकी है। इन सभी की रिपोर्ट आने के बाद शासन को बजट के लिए पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही इन लोगों को योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
एमपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी