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सता के दबाव में बचाए जा रहे काले तेल के धंधे के आरोपी
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:50 PM IST
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काले तेल के खेल में कार्रवाई फेल
- फोटो : अमर उजाला
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एटा।
काले तेल के कारोबार में एक वीडियो के सामने आने के बाद इसमें अब तक हुई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई है और न ही किसी को नामजद किया गया है। जबकि वीडियो में एक व्यक्ति टैंकर और तेल के खुद का होने की बात कहता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि वह व्यक्ति सत्ताधारी पार्टी के बड़े नेता का करीबी है।
12 अक्तूबर को रात में डीएम के निर्देश पर एएसडीएम विनीत उपाध्याय और एएसडीएम नंदलाल वर्मा ने जीटी रोड स्थित मां पूर्णागिरि कोल्ड स्टोर पर कार्रवाई की थी। यहां से काले तेल से भरे दो टैंकर और चार ड्रम बरामद किए गए थे। बाद में प्रशासन ने महज ड्रम और टैंकरों में भरे पदार्थ के सैंपल भरवाए। दो दिन बाद कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन मामले की छानबीन का दावा करता रहा, लेकिन कार्रवाई इससे आगे नहीं बढ़ी है।
उपलब्ध वीडियो में एएसडीएम विनीत उपाध्याय कह रहे है कि टैंकर जिसके भी हैं, वह शख्स कार्रवाई के वक्त मौके पर मौजूद है। उन्होंने वीडियो में यह भी जिक्र किया है कि कागजात दिखाने में वह शख्स असफल रहा। वीडियो में एएसडीएम ने उस शख्स का बयान भी लिया है, जिसमें वह स्वीकार कर रहा है कि टैंकर उसके हैं। सवाल है कि जब मामले में इतने साफ तौर पर सामने आ रहा है कि टैंकर किसके हैैं, तो प्रशासन क्यों कार्रवाई से पीछे हट गया। टैंकर अपने होने की बात कह रहा व्यक्ति भाजपा के एक नेता का करीबी बताया जा रहा है। पिछले दिनों हुए बड़े महोत्सव में उन्होंने ऊंची बोली लगाकर सबको चौैंका दिया था। उसके भाजपा के शीर्ष नेताओं से भी अच्छे संबंध बताए गए है। प्रशासनिक कार्रवाई में ढिलाई के पीछे इसे ही कारण माना जा रहा है।
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ई वे बिल में मिला खेल
बताया जाता है कि काले तेल के टैंकर दिल्ली से एटा में किसी अन्य जगह पर पहुंचने थे। ई-वेबिल में भी जिस फर्म के लिए टैंकर जा रहे थे, वे वहां पहुंचे ही नहीं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला
एएसडीएम विनीत उपाध्याय ने बताया कि पहले जो व्यक्ति टैंकर और तेल अपना बता रहा था। जब हमने उससे स्वामित्व लेने की बात कही तो वह मुकर गया। इसलिए उसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। मां पूर्णागिरी कोल्ड स्टोर में टैंकर खड़े हुए थे। इसलिए कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के खिलाफ धारा 379, 411, 420 में मामला दर्ज कराया गया है।
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काले तेल के कारोबार में एक वीडियो के सामने आने के बाद इसमें अब तक हुई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई है और न ही किसी को नामजद किया गया है। जबकि वीडियो में एक व्यक्ति टैंकर और तेल के खुद का होने की बात कहता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि वह व्यक्ति सत्ताधारी पार्टी के बड़े नेता का करीबी है।
12 अक्तूबर को रात में डीएम के निर्देश पर एएसडीएम विनीत उपाध्याय और एएसडीएम नंदलाल वर्मा ने जीटी रोड स्थित मां पूर्णागिरि कोल्ड स्टोर पर कार्रवाई की थी। यहां से काले तेल से भरे दो टैंकर और चार ड्रम बरामद किए गए थे। बाद में प्रशासन ने महज ड्रम और टैंकरों में भरे पदार्थ के सैंपल भरवाए। दो दिन बाद कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन मामले की छानबीन का दावा करता रहा, लेकिन कार्रवाई इससे आगे नहीं बढ़ी है।
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उपलब्ध वीडियो में एएसडीएम विनीत उपाध्याय कह रहे है कि टैंकर जिसके भी हैं, वह शख्स कार्रवाई के वक्त मौके पर मौजूद है। उन्होंने वीडियो में यह भी जिक्र किया है कि कागजात दिखाने में वह शख्स असफल रहा। वीडियो में एएसडीएम ने उस शख्स का बयान भी लिया है, जिसमें वह स्वीकार कर रहा है कि टैंकर उसके हैं। सवाल है कि जब मामले में इतने साफ तौर पर सामने आ रहा है कि टैंकर किसके हैैं, तो प्रशासन क्यों कार्रवाई से पीछे हट गया। टैंकर अपने होने की बात कह रहा व्यक्ति भाजपा के एक नेता का करीबी बताया जा रहा है। पिछले दिनों हुए बड़े महोत्सव में उन्होंने ऊंची बोली लगाकर सबको चौैंका दिया था। उसके भाजपा के शीर्ष नेताओं से भी अच्छे संबंध बताए गए है। प्रशासनिक कार्रवाई में ढिलाई के पीछे इसे ही कारण माना जा रहा है।
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ई वे बिल में मिला खेल
बताया जाता है कि काले तेल के टैंकर दिल्ली से एटा में किसी अन्य जगह पर पहुंचने थे। ई-वेबिल में भी जिस फर्म के लिए टैंकर जा रहे थे, वे वहां पहुंचे ही नहीं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला
एएसडीएम विनीत उपाध्याय ने बताया कि पहले जो व्यक्ति टैंकर और तेल अपना बता रहा था। जब हमने उससे स्वामित्व लेने की बात कही तो वह मुकर गया। इसलिए उसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। मां पूर्णागिरी कोल्ड स्टोर में टैंकर खड़े हुए थे। इसलिए कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के खिलाफ धारा 379, 411, 420 में मामला दर्ज कराया गया है।