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आधार कार्ड में 1998, स्कूल ने दिखाई 2003 की जन्मतिथि
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:18 PM IST
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आधार कार्ड में 1998, स्कूल ने दिखाई 2003 की जन्मतिथि
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। 2003 की जन्मतिथि प्रमाणपत्र के साथ एथलेटिक प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे छात्र के आधार सत्यापन में पांच वर्ष बड़ा पाया गया। आधार अभिलेख में इसकी जन्मतिथि 1998 दर्ज है। जैथरा स्थित एक स्कूल के इस तथाकथित छात्र का बैंक खाता, डीएल भी इसी जन्म तिथि पर बना है।
फर्जीवाड़ा मिलते ही इसे कार्रवाई की चेतावनी देकर प्रतियोगिता से आउट कर दिया। जबकि छात्र व कोच इसे कंप्यूटर की गलती बता रहे थे।
दरअसल, जिला युवा समारोह में बायोमेट्रिक सत्यापन की बाध्यता से खेल माफियाओं में हड़कंप है। प्रतिभाग से रोके जा रहे तथा कथित छात्र-छात्राएं बैरंग लौट रहे हैं। आयोजक प्रधानाचार्य एस अश्वनी लाल ने बताया कि हंगामा की शिकायत पर स्काउट भवन पर पुलिस तैनात कर दी गई।
उद्घाटन अवसर पर हुई छह प्रतियोगिताओं में भी ऐसी शिकायत मिलने पर डीआईओएस एनडी वर्मा ने हर प्रतिभागी की जन्मतिथि का सत्यापन बायोमेट्रिक से कराने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम के अशोक कुमार यादव, मनीष दुबे ने बताया कि जिले में पहली बार अपनाई गई प्रक्रिया के बाद फर्जी आवेदकों पर पूरी तरह से अंकुश लग गया है। गलत जन्मतिथि के कई मामले मिल रहे हैं। बताते चलें कि वर्षों से खेल प्रतियोगिताओं में फर्जी छात्रों को खिलाने की शिकायतें रहीं हैं।
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फर्जीवाड़ा मिलते ही इसे कार्रवाई की चेतावनी देकर प्रतियोगिता से आउट कर दिया। जबकि छात्र व कोच इसे कंप्यूटर की गलती बता रहे थे।
दरअसल, जिला युवा समारोह में बायोमेट्रिक सत्यापन की बाध्यता से खेल माफियाओं में हड़कंप है। प्रतिभाग से रोके जा रहे तथा कथित छात्र-छात्राएं बैरंग लौट रहे हैं। आयोजक प्रधानाचार्य एस अश्वनी लाल ने बताया कि हंगामा की शिकायत पर स्काउट भवन पर पुलिस तैनात कर दी गई।
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उद्घाटन अवसर पर हुई छह प्रतियोगिताओं में भी ऐसी शिकायत मिलने पर डीआईओएस एनडी वर्मा ने हर प्रतिभागी की जन्मतिथि का सत्यापन बायोमेट्रिक से कराने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम के अशोक कुमार यादव, मनीष दुबे ने बताया कि जिले में पहली बार अपनाई गई प्रक्रिया के बाद फर्जी आवेदकों पर पूरी तरह से अंकुश लग गया है। गलत जन्मतिथि के कई मामले मिल रहे हैं। बताते चलें कि वर्षों से खेल प्रतियोगिताओं में फर्जी छात्रों को खिलाने की शिकायतें रहीं हैं।
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