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पॉस मशीन और कोड भी नहीं रोक सके राशन की कालाबाजारी
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:29 PM IST
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मैनपुरी। जिले में सरकारी राशन की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि शासन के निर्देश पर राशन की दुकानों पर पॉस (प्वाइंट आफ सेल) मशीन के माध्यम से राशन का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा गोदाम से राशन निकलने से पहले उन पर एक कोड अंकित किया जा रहा है। जो सिर्फ विभागीय अधिकारियों को मालूम रहता है, लेकिन इसके बाद भी बाजार में सरकारी राशन की खरीद फरोख्त की जा रही है।
शासन की ओर से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को राशन दिया जाता है। इसमें गेहूं दो और चावल तीन रुपये किलो दिया जाता है। इससे उनका गुजारा हो सके, लेकिन विभागीय अधिकारी और राशन डीलर योजना को पलीता लगाने में लगे हुए हैं। सरकारी राशन गरीब के घर तक नहीं पहुंच रहा, लेकिन बाजार में बिकने जरूर जा रहा है। शासन की ओर से कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राशन की दुकानों पर पॉस मशीन के माध्यम से राशन वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, गोदाम से राशन निकलने से पहले एक कोड भी डालने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक महीने बोरों पर पड़ने वाला कोड बदल दिया जाता है। इसके बाद भी कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। जिले में वर्तमान में 791 राशन की दुकानें संचालित हो रही है। इसमें से शहर में संचालित 106 दुकानों पर ही पॉस मशीन लगाई हैं। देहात में दो दुकानों पर ही पॉस मशीन के द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। सबसे ज्यादा मनमानी और चोरी देहात क्षेत्र में ही हो रही है।
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शासन की ओर से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को राशन दिया जाता है। इसमें गेहूं दो और चावल तीन रुपये किलो दिया जाता है। इससे उनका गुजारा हो सके, लेकिन विभागीय अधिकारी और राशन डीलर योजना को पलीता लगाने में लगे हुए हैं। सरकारी राशन गरीब के घर तक नहीं पहुंच रहा, लेकिन बाजार में बिकने जरूर जा रहा है। शासन की ओर से कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राशन की दुकानों पर पॉस मशीन के माध्यम से राशन वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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वहीं, गोदाम से राशन निकलने से पहले एक कोड भी डालने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक महीने बोरों पर पड़ने वाला कोड बदल दिया जाता है। इसके बाद भी कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। जिले में वर्तमान में 791 राशन की दुकानें संचालित हो रही है। इसमें से शहर में संचालित 106 दुकानों पर ही पॉस मशीन लगाई हैं। देहात में दो दुकानों पर ही पॉस मशीन के द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। सबसे ज्यादा मनमानी और चोरी देहात क्षेत्र में ही हो रही है।
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