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पिछले सत्र के कार्य पर निर्भर करेगा अनुदेशकों का नवीनीकरण
Updated Sun, 03 Jun 2018 09:55 PM IST
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- फोटो : demo pic
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मैनपुरी। जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कर रहे 239 अनुदेशकों का भविष्य उनके गत वर्ष किए गए कार्य पर निर्भर होगा। इसके लिए उनके कार्य की जांच शुरू कर दी गई है। परियोजना निदेशक से मांगी गई जानकारी के आधार पर बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों से उनकी गोपनीय रिपोर्ट मांगी है।
जनपद में 100 से अधिक छात्र संख्या वाले 100 स्कूलों में शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर और कला शिक्षा के विकास के लिए तीन-तीन अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। इन अनुदेशकों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण होता है। लेकिन इस वर्ष पिछले सत्र में शासन की मंशा के अनुसार काम न करने वाले अनुदेशकों को कार्य मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत परियोजना निदेशक ने बीएसए से गत सत्र में काम करने वाले अनुदेशकों के कार्य की रिपोर्ट मांगी है। परियोजना निदेशक का पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर अनुदेशकों के कार्य की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है।
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शासन और विभाग की इस सोच पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। जनपद में 533 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। उनमें से वर्तमान में मात्र 100 स्कूलों में ही अनुदेशकों की तैनाती है। जिन्हें कंप्यूटर, कला और शारीरिक शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। 433 स्कूलों में इसका कोई सुधार नहीं है। ऐसे में शासन की उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को कंप्यूटर और शारीरिक शिक्षा में निपुड़ बनाने की मंशा कैसे पूरी होगी।
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जनपद में 100 से अधिक छात्र संख्या वाले 100 स्कूलों में शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर और कला शिक्षा के विकास के लिए तीन-तीन अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। इन अनुदेशकों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण होता है। लेकिन इस वर्ष पिछले सत्र में शासन की मंशा के अनुसार काम न करने वाले अनुदेशकों को कार्य मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
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इसके तहत परियोजना निदेशक ने बीएसए से गत सत्र में काम करने वाले अनुदेशकों के कार्य की रिपोर्ट मांगी है। परियोजना निदेशक का पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर अनुदेशकों के कार्य की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है।
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शासन और विभाग की इस सोच पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। जनपद में 533 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। उनमें से वर्तमान में मात्र 100 स्कूलों में ही अनुदेशकों की तैनाती है। जिन्हें कंप्यूटर, कला और शारीरिक शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। 433 स्कूलों में इसका कोई सुधार नहीं है। ऐसे में शासन की उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को कंप्यूटर और शारीरिक शिक्षा में निपुड़ बनाने की मंशा कैसे पूरी होगी।