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बस ने कार को रौंदा, स्कूल प्रबंधक की मौत
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:43 PM IST
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रोडवेज बस की टक्कर से कार सवार स्कूल मैनेजर की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/उझानी। घने कोहरे के दौरान कछला पुल पर शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार रोडवेज बस ने ईको कार को रौंद दिया। कार सवार लोगों में शिव नारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक कुंवरपाल यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो साधु घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने रोडवेज बस पर पथराव कर दिया। इस दौरान बस में आगजनी का प्रयास भी किया गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ पर पुल पर जाम लगा दिया। पथराव के दौरान बस के शीशे का टुकड़ा लगने से कोतवाल राजीव कुमार शर्मा घायल हो गए। बाद में, एसडीएम और सीओ ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाकर शव को कब्जे में लिया। जाम के कारण आगरा बरेली और अलीगढ़ आदि की ओर आने-जाने वाले वाहन सवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कछला स्थित शिवनारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक और कस्बा निवासी कुंवरपाल यादव उर्फ केपी (32) पुत्र शिवनारायण निजी कार से सोरों क्षेत्र के गांव तारापुर में बुआ के घर जाने के लिए कार से निकले। कछला चौराहे से उन्होंने गंगाघाट निवासी साधु रामानंद (65) और उनके शिष्य मुरलीदास (40) को भी बैठा लिया। चालक ने कार को पुल पर रोक दिया और एक खोखे की ओर जाने लगा।
तभी सामने से आई अलीगढ़ डिपो की रोडवेज बस ने कार को रौंद दिया। कार में अगली सीट पर बैठे केपी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं साधु मुरलीदास और रामानंद घायल हो गए। हादसे में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। रोडवेज बस की सवारियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। लोगों ने घायल साधुओं को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाकर स्कूल प्रबंधक के शव को बाहर निकाला। इधर, हादसे के बाद रोडवेज बस चालक भाग खड़ा हुआ।
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इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बस पर पथराव कर दिया और शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए। सूचना पर उझानी के कोतवाल राजीव कुमार शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने पथराव कर रहे लोगों को समझाया। पथराव के दौरान बस का शीशे का टुकड़ा टूट कर उनके चेहरे पर लग गया और वह घायल हो गए। तभी एक युवक ने बस में आगजनी का भी प्रयास किया। इधर, लोगों के आक्रोश को देखते हुए मुजरिया, कादर चौक और सहसवान से फोर्स बुला लिया गया। एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ भूषण वर्मा ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया। करीब दो घंटे तक लगे जाम की वजह से बरेली-मथुरा हाईवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए। कोतवाल ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर बस के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
लोगों के गुस्से की वजह से छूटा पुलिस का पसीना
कासगंज/उझानी। कछला पुल पर हादसे के बाद लोगों की भीड़ के सामने दो-तीन पुलिस कर्मी ही मौजूद थे। भीड़ पर काबू पाने में नाकाम चौकी इंचार्ज ने अधिकारियों केा पल-पल की जानकारी दी। लोगों की मानें तो चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने कोतवाल से फोन पर कहा यदि जल्दी पुलिस फोर्स नहीं पहुंचा तो हालात पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। कोतवाल के साथ ही आसपास थानों का फोर्स पहुंचने पर ही चौकी के पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस दौरान मृतक के छोटे भाई जेपी यादव ने भी भीड़ को शांत रहने की सलाह दी।
तो फिर नहीं बच पाते दोनों साधु
कासगंज/उझानी। रोडवेज बस की टक्कर लगते ही ईको कार घिसटकर पुल की रेलिंग तक पहुंच गई। कार का पिछला हिस्सा रेलिंग के ऊपर टंग गया। गनीमत रही कि कार रेलिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ सकी अन्यथा कार पुल के नीचे गंगा में गिर जाती। ऐसेे में दोनों साधु रामानंद और मुरलीदास का बच पाना भी मुश्किल हो जाता। राहगीरों ने हादसे के बाद कार को धकेल कर रेलिंग से हटाया।
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कछला स्थित शिवनारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक और कस्बा निवासी कुंवरपाल यादव उर्फ केपी (32) पुत्र शिवनारायण निजी कार से सोरों क्षेत्र के गांव तारापुर में बुआ के घर जाने के लिए कार से निकले। कछला चौराहे से उन्होंने गंगाघाट निवासी साधु रामानंद (65) और उनके शिष्य मुरलीदास (40) को भी बैठा लिया। चालक ने कार को पुल पर रोक दिया और एक खोखे की ओर जाने लगा।
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तभी सामने से आई अलीगढ़ डिपो की रोडवेज बस ने कार को रौंद दिया। कार में अगली सीट पर बैठे केपी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं साधु मुरलीदास और रामानंद घायल हो गए। हादसे में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। रोडवेज बस की सवारियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। लोगों ने घायल साधुओं को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाकर स्कूल प्रबंधक के शव को बाहर निकाला। इधर, हादसे के बाद रोडवेज बस चालक भाग खड़ा हुआ।
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इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बस पर पथराव कर दिया और शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए। सूचना पर उझानी के कोतवाल राजीव कुमार शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने पथराव कर रहे लोगों को समझाया। पथराव के दौरान बस का शीशे का टुकड़ा टूट कर उनके चेहरे पर लग गया और वह घायल हो गए। तभी एक युवक ने बस में आगजनी का भी प्रयास किया। इधर, लोगों के आक्रोश को देखते हुए मुजरिया, कादर चौक और सहसवान से फोर्स बुला लिया गया। एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ भूषण वर्मा ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया। करीब दो घंटे तक लगे जाम की वजह से बरेली-मथुरा हाईवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए। कोतवाल ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर बस के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
लोगों के गुस्से की वजह से छूटा पुलिस का पसीना
कासगंज/उझानी। कछला पुल पर हादसे के बाद लोगों की भीड़ के सामने दो-तीन पुलिस कर्मी ही मौजूद थे। भीड़ पर काबू पाने में नाकाम चौकी इंचार्ज ने अधिकारियों केा पल-पल की जानकारी दी। लोगों की मानें तो चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने कोतवाल से फोन पर कहा यदि जल्दी पुलिस फोर्स नहीं पहुंचा तो हालात पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। कोतवाल के साथ ही आसपास थानों का फोर्स पहुंचने पर ही चौकी के पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस दौरान मृतक के छोटे भाई जेपी यादव ने भी भीड़ को शांत रहने की सलाह दी।
तो फिर नहीं बच पाते दोनों साधु
कासगंज/उझानी। रोडवेज बस की टक्कर लगते ही ईको कार घिसटकर पुल की रेलिंग तक पहुंच गई। कार का पिछला हिस्सा रेलिंग के ऊपर टंग गया। गनीमत रही कि कार रेलिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ सकी अन्यथा कार पुल के नीचे गंगा में गिर जाती। ऐसेे में दोनों साधु रामानंद और मुरलीदास का बच पाना भी मुश्किल हो जाता। राहगीरों ने हादसे के बाद कार को धकेल कर रेलिंग से हटाया।