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Etah News: जिले में स्वाइन फ्लू का एक मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
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स्वाइन फ्लू के अलर्ट के बाद अवागढ़ सीएचसी पर बनाया गया आईसोलेशन वार्ड। संवाद
एटा। जिले में स्वाइन फ्लू का एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आइसोलेशन वार्ड तैयार किए हैं। वहीं स्वाइन फ्लू की जांच के लिए एक हजार किट सोमवार को जिले में पहुंचने की उम्मीद है।
अलीगढ़ मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार तक मंडल में स्वाइन फ्लू के 14 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें अलीगढ़ जिले के नौ, कासगंज के दो, हाथरस के दो और एटा का एक मरीज शामिल है। जिले में एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने के साथ ही स्वास्थ्य जांच कराने की तैयारी की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में बनाया गया 14 बेड का आइसोलेशन वार्डः
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज के तीसरे तल पर 14 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसमें पांच बेड बच्चों और नौ बेड वयस्क मरीजों के लिए निर्धारित किए गए हैं। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को आवश्यकता के अनुसार आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जाएगा। सोमवार तक आरटीपीसीआर और एंटीजन किट उपलब्ध होने की उम्मीद है जिसके बाद संदिग्ध मरीजों की जांच की जा सकेगी।
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स्वास्थ्यकर्मियों को भी लगेंगे स्वाइन फ्लू के टीकेः
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मरीजों के सीधे संपर्क में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर दस टीके भेजे जाएंगे। इस तरह कुल 8 सीएचसी पर 80 टीके भेजे जाएंगें। वहीं मेडिकल कॉलेज में 20 टीके भेज जाएंगे। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी है। अस्पतालों में मास्क, सैनिटाइजर और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
-- -वर्जन--
जिले में सोमवार तक करीब 1 हजार आरटीपीसीआर और एंटीजन किट उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं सभी सीएचसी पर आइसोलेशन वार्ड तैयार करा दिए हैं। संदिग्ध मरीज को जांच के साथ निशुल्क उपचार दिया जाएगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
-- -
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणः
- तेज बुखार और ठंड लगना
- गले में खराश और लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी
- सिरदर्द और शरीर या मांसपेशियों में तेज दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
- नाक बहना या नाक बंद होना
- सांस लेने में तकलीफ या घबराहट होना
- उल्टी और दस्त (विशेषकर बच्चों में)
स्वाइन फ्लू फैलने के कारणः
- यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है।
- संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदें हवा में फैलती हैं, जिन्हें सांस द्वारा ग्रहण करने पर अन्य लोग संक्रमित हो जाते हैं।
-यदि कोई व्यक्ति ऐसी सतहों (जैसे दरवाजों के हैंडल, फोन, टेबल) को छूता है जिस पर वायरस मौजूद है, और फिर बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को छूता है।
उपचार और बचावः
- लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- डॉक्टर स्थिति के अनुसार ऑसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवाएं देते हैं।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी, सूप और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।
- दूसरों तक संक्रमण न फैले इसके लिए बाहर निकलते समय या घर के सदस्यों के आसपास मास्क पहनें।
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
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अलीगढ़ मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार तक मंडल में स्वाइन फ्लू के 14 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें अलीगढ़ जिले के नौ, कासगंज के दो, हाथरस के दो और एटा का एक मरीज शामिल है। जिले में एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने के साथ ही स्वास्थ्य जांच कराने की तैयारी की जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में बनाया गया 14 बेड का आइसोलेशन वार्डः
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज के तीसरे तल पर 14 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसमें पांच बेड बच्चों और नौ बेड वयस्क मरीजों के लिए निर्धारित किए गए हैं। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को आवश्यकता के अनुसार आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जाएगा। सोमवार तक आरटीपीसीआर और एंटीजन किट उपलब्ध होने की उम्मीद है जिसके बाद संदिग्ध मरीजों की जांच की जा सकेगी।
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स्वास्थ्यकर्मियों को भी लगेंगे स्वाइन फ्लू के टीकेः
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मरीजों के सीधे संपर्क में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर दस टीके भेजे जाएंगे। इस तरह कुल 8 सीएचसी पर 80 टीके भेजे जाएंगें। वहीं मेडिकल कॉलेज में 20 टीके भेज जाएंगे। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी है। अस्पतालों में मास्क, सैनिटाइजर और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
जिले में सोमवार तक करीब 1 हजार आरटीपीसीआर और एंटीजन किट उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं सभी सीएचसी पर आइसोलेशन वार्ड तैयार करा दिए हैं। संदिग्ध मरीज को जांच के साथ निशुल्क उपचार दिया जाएगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणः
- तेज बुखार और ठंड लगना
- गले में खराश और लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी
- सिरदर्द और शरीर या मांसपेशियों में तेज दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
- नाक बहना या नाक बंद होना
- सांस लेने में तकलीफ या घबराहट होना
- उल्टी और दस्त (विशेषकर बच्चों में)
स्वाइन फ्लू फैलने के कारणः
- यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है।
- संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदें हवा में फैलती हैं, जिन्हें सांस द्वारा ग्रहण करने पर अन्य लोग संक्रमित हो जाते हैं।
-यदि कोई व्यक्ति ऐसी सतहों (जैसे दरवाजों के हैंडल, फोन, टेबल) को छूता है जिस पर वायरस मौजूद है, और फिर बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को छूता है।
उपचार और बचावः
- लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- डॉक्टर स्थिति के अनुसार ऑसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवाएं देते हैं।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी, सूप और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।
- दूसरों तक संक्रमण न फैले इसके लिए बाहर निकलते समय या घर के सदस्यों के आसपास मास्क पहनें।
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।