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बिजली के निजीकरण के विरोध में होगी हड़ताल
Updated Fri, 29 Dec 2017 07:52 PM IST
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बिजली
- फोटो : डेमो
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मथुरा। आल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे और राज्य विद्युत अभियंता परिषद के महासचिव राजीव सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार बिजली का निजीकरण करने का प्रस्ताव पास कराने का प्रयास कर रही है। यदि सरकार ने बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिया तो बिजली कर्मचारी और इंजीनियर राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।
शैलेंद्र दुबे और राजीव सिंह शुक्रवार को कैंट स्थित बिजली कार्यालय आए थे। कहा कि केंद्र सरकार विद्युत संशोधन बिल 2014 को संसद सत्र में पास कराना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को कूट रचित रणनीति के तहत निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिन इलाकों में बेहतर राजस्व वसूली उसे निजी हाथों में देने का कुत्सित प्रयास कर रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों, गरीबों को बिजली देने तथा सामाजिक सरोकार के काम बिजली निगम से कराना चाहती है।
इसके विरोध में देश के 25 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियरों को एक मंच पर लाया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार ने बिजली वितरण की व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का प्रस्ताव पास कराया तो देश भर के इंजीनियर व कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इसे लेकर पंजाब, हरियाणा के चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मूृ-कश्मीर की बिजली इंजीनियर यूनियनों से बात हो चुकी है। वार्ता के दौरान एसई शहर राघवेंद्र सिंह, एसई देहात विनोद कुमार गंगवार, एक्सईएन प्रथम अरविंद कुमार पांडेय सहित अन्य बिजली अधिकारी मौजूद रहे।
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शैलेंद्र दुबे और राजीव सिंह शुक्रवार को कैंट स्थित बिजली कार्यालय आए थे। कहा कि केंद्र सरकार विद्युत संशोधन बिल 2014 को संसद सत्र में पास कराना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को कूट रचित रणनीति के तहत निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिन इलाकों में बेहतर राजस्व वसूली उसे निजी हाथों में देने का कुत्सित प्रयास कर रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों, गरीबों को बिजली देने तथा सामाजिक सरोकार के काम बिजली निगम से कराना चाहती है।
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इसके विरोध में देश के 25 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियरों को एक मंच पर लाया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार ने बिजली वितरण की व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का प्रस्ताव पास कराया तो देश भर के इंजीनियर व कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इसे लेकर पंजाब, हरियाणा के चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मूृ-कश्मीर की बिजली इंजीनियर यूनियनों से बात हो चुकी है। वार्ता के दौरान एसई शहर राघवेंद्र सिंह, एसई देहात विनोद कुमार गंगवार, एक्सईएन प्रथम अरविंद कुमार पांडेय सहित अन्य बिजली अधिकारी मौजूद रहे।
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