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हत्या के मामले मेें जीजा-साले को उम्र कैद
Updated Fri, 24 Nov 2017 08:24 PM IST
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जेल
- फोटो : डैंमो
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मथुरा। सात साल पहले हुई हत्या के मामले में एफटीसी द्वितीय की कोर्ट ने जीजा-साले को उम्र कैद की सजा सुनाई है। हत्या पुत्र की शादी से इनकार करने पर की गई थी। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया है।
वारदात 7 नवंबर 2010 की है। राया के गांव बिरहना निवासी वीरेन्द्र सिंह के पास मांट के नया नगला निवासी अमर सिंह का फोन आया। अमर सिंह ने फोन पर कहा कि उसे अपनी लड़की की शादी के संबंध में बातचीत करनी है। वीरेन्द्र के साथ गांव का ही उदय सिंह भी साथ गया। इसके बाद वीरेन्द्र और अमर सिंह की बातचीत हुई। बातचीत में अमर सिंह ने वीरेन्द्र से कहा कि वह अपने लड़के की शादी अगले माह उनकी लड़की से कर दे। वीरेन्द्र ने जब इससे इनकार किया तो अमर सिंह, उसका पुत्र दिनेश और साला शैलेन्द्र निवासी महामाया नगर भड़क गए। गुस्साए अमर सिंह ने वीरेन्द्र पर गोली चला दी। जिसमें वीरेन्द्र की मौत हो गई।
इस मामले मेें वीरेन्द्र के भाई पवन ने मांट थाने में तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। केस की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एफटीसी द्वितीय के जज संदीप गुप्ता ने अमर सिंह और उसके साले शैलेन्द्र को उम्र कै द और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने एक दिन पहले दोनों को जेल भेज दिया।
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एडीजीसी विनोद यादव ने बताया कि इस केस में नाबालिग होने के चलते अमर सिंह के पुत्र दिनेश का नाम पहले ही अलग हो गया था।
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वारदात 7 नवंबर 2010 की है। राया के गांव बिरहना निवासी वीरेन्द्र सिंह के पास मांट के नया नगला निवासी अमर सिंह का फोन आया। अमर सिंह ने फोन पर कहा कि उसे अपनी लड़की की शादी के संबंध में बातचीत करनी है। वीरेन्द्र के साथ गांव का ही उदय सिंह भी साथ गया। इसके बाद वीरेन्द्र और अमर सिंह की बातचीत हुई। बातचीत में अमर सिंह ने वीरेन्द्र से कहा कि वह अपने लड़के की शादी अगले माह उनकी लड़की से कर दे। वीरेन्द्र ने जब इससे इनकार किया तो अमर सिंह, उसका पुत्र दिनेश और साला शैलेन्द्र निवासी महामाया नगर भड़क गए। गुस्साए अमर सिंह ने वीरेन्द्र पर गोली चला दी। जिसमें वीरेन्द्र की मौत हो गई।
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इस मामले मेें वीरेन्द्र के भाई पवन ने मांट थाने में तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। केस की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एफटीसी द्वितीय के जज संदीप गुप्ता ने अमर सिंह और उसके साले शैलेन्द्र को उम्र कै द और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने एक दिन पहले दोनों को जेल भेज दिया।
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एडीजीसी विनोद यादव ने बताया कि इस केस में नाबालिग होने के चलते अमर सिंह के पुत्र दिनेश का नाम पहले ही अलग हो गया था।