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पाइरेक्सिया की दस्तक, दो महिलाओं की मौत
Updated Fri, 25 Aug 2017 11:34 PM IST
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अस्पताल में पड़ी बीमार महिला
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिले में वायरल के प्रकोप के साथ ही पाइरेक्सिया बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। बिछवां थाना क्षेत्र के गांव नगला देवी निवासी हजारी लाल की 50 वर्षीय पत्नी मायादेवी को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने गुरुवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
यहां उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। भोगांव के मेरापुर निवासी वीरेंद्र सिंह की 60 वर्षीय पत्नी मौरश्री को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। गुरुवार की रात जब उनकी हालत बिगड़ी तो परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उनकी जांच हो पाती कि उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
उधर, सीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती न होने से क्षेत्र में वायरल रोगों से पीड़ित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी पर चिकित्सक के नाम पर एक आयुष चिकित्सक और दो महिला चिकित्सक तैनात हैं। क्षेत्र में वायरल रोगों की चपेट में आए रोगी जब अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें पर्याप्त दवाएं और चिकित्सक की सलाह नहीं मिलती जिससे लोग मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज ले रहे हैं।
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शुक्रवार को कस्बा निवासी अशोक तिवारी ने बताया कि वो अस्पताल से बुखार, सर्दी की दवा लेने गए तो उन्हें पर्याप्त दवा अस्पताल में नहीं मिलीं। एक चिकित्सक ही सैकड़ों लोगों को देख रहा था।
स्थानीय संजीव गुप्ता, लल्ला हुसैन, बबलू, हुकुम सिंह, असलम, नरेंद्र कुमार, राजेश आदि ने मुख्य चिकित्साधिकारी तथा जिलाधिकारी से बेवर अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम कराने की मांग की है।
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यहां उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। भोगांव के मेरापुर निवासी वीरेंद्र सिंह की 60 वर्षीय पत्नी मौरश्री को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। गुरुवार की रात जब उनकी हालत बिगड़ी तो परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उनकी जांच हो पाती कि उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
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उधर, सीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती न होने से क्षेत्र में वायरल रोगों से पीड़ित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी पर चिकित्सक के नाम पर एक आयुष चिकित्सक और दो महिला चिकित्सक तैनात हैं। क्षेत्र में वायरल रोगों की चपेट में आए रोगी जब अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें पर्याप्त दवाएं और चिकित्सक की सलाह नहीं मिलती जिससे लोग मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज ले रहे हैं।
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शुक्रवार को कस्बा निवासी अशोक तिवारी ने बताया कि वो अस्पताल से बुखार, सर्दी की दवा लेने गए तो उन्हें पर्याप्त दवा अस्पताल में नहीं मिलीं। एक चिकित्सक ही सैकड़ों लोगों को देख रहा था।
स्थानीय संजीव गुप्ता, लल्ला हुसैन, बबलू, हुकुम सिंह, असलम, नरेंद्र कुमार, राजेश आदि ने मुख्य चिकित्साधिकारी तथा जिलाधिकारी से बेवर अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम कराने की मांग की है।