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मैकेनिक बाप ने सत्यम को बनाया इंजीनियर
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:56 PM IST
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मैकेनिक बाप ने सत्यम को बनाया इंजीनियर
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एटा। पिछले साल 22 दिसंबर को सिंचाई विभाग एटा में जेई पर सरकारी नौकरी ज्वाइन करने पर पिता और परिवार का सिर गर्व ऊंचा हो गया था। ट्रैक्टर मैकेनिक पिता राजेंद्र मिश्रा ने मजदूरी करक ेऔर मां ने भैंस का दूध बेंच कर बेटे को इंजीनियर बनाया था, लेकिन मां-बाप के बुढ़ापे का सहारा अब इस दुनियां में नहीं है। मंगलवार को जब पिता और छोटे भाई ने परिवार के साथ सत्यम का शव देखा तो गश आ गया। परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि सत्यम अब इस दुनियां में नहीं है।
महोबा जिले के पनवाड़ी निवासी सत्यम गरीब परिवार से निकल कर अपनी मेहनत के बल पर जूनियर इंजीनियर बना था। भाई शिवम ने बताया कि नौकरी लगने के बाद से लगातार सत्यम के रिश्ते आ रहे थे, लेकिन हर बार वो स्टडी चलने की बात कह कर शादी से इनकार कर देता था। सत्यम के चचेरे भाई राज नारायण उर्फ राजू ने बताया कि पिता ने बेटे सत्यम को इंजीनियर बनाने के लिए ट्रैक्टर मैकेनिक बनकर मजदूरी तो मां ने भैंस खरीद कर दूध बेंच कर बेटे को पढ़ा कर इंजीनियर बनाया।
राजू की माने तो बेटे की मौत की खबर ने मां ऊषा मिश्रा को गहरे सदमे में धकेल दिया है। सत्यम का छोटा भाई शिवम अभी पढ़ रहा है और वो भी भाई के नक्शे कदम पर चलकर इंजीनियर बनना चाहता था, लेकिन सत्यम की अचानक हुई हत्या के परिवार के सपने टूट गए हैं। परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनियां में नहीं हैं। पिता राजेंद्र मिश्रा और भाई शिवम मिश्रा के मुंह से बोल नहीं फूट रहे।
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महोबा जिले के पनवाड़ी निवासी सत्यम गरीब परिवार से निकल कर अपनी मेहनत के बल पर जूनियर इंजीनियर बना था। भाई शिवम ने बताया कि नौकरी लगने के बाद से लगातार सत्यम के रिश्ते आ रहे थे, लेकिन हर बार वो स्टडी चलने की बात कह कर शादी से इनकार कर देता था। सत्यम के चचेरे भाई राज नारायण उर्फ राजू ने बताया कि पिता ने बेटे सत्यम को इंजीनियर बनाने के लिए ट्रैक्टर मैकेनिक बनकर मजदूरी तो मां ने भैंस खरीद कर दूध बेंच कर बेटे को पढ़ा कर इंजीनियर बनाया।
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राजू की माने तो बेटे की मौत की खबर ने मां ऊषा मिश्रा को गहरे सदमे में धकेल दिया है। सत्यम का छोटा भाई शिवम अभी पढ़ रहा है और वो भी भाई के नक्शे कदम पर चलकर इंजीनियर बनना चाहता था, लेकिन सत्यम की अचानक हुई हत्या के परिवार के सपने टूट गए हैं। परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनियां में नहीं हैं। पिता राजेंद्र मिश्रा और भाई शिवम मिश्रा के मुंह से बोल नहीं फूट रहे।
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