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दो हजार वर्ग फीट जमीन पर जल्द बनेगी डायलिसिस यूनिट
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:28 AM IST
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जिला अस्पताल इमरजेंसी के पास दो हजार वर्ग फीट जमीन पर डायलिसिस यूनिट लगेगी। यूनिट लगाने वाली एनजीओ, स्वास्थ्य विभाग के निर्माण विभाग और सीएमएस ने भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। एनजीओ ने भूमि का सर्वे कर लिया है।
सीएमओ डा0 आरसी पांडेय की माने तो डायलिसिस यूनिट लगाने की जिम्मेदारी लखनऊ बेस्ड एनजीओ को दी गई है। उन्होंने कहा जिला अस्पताल इमरजेंसी के बराबर में जहां कबाड़ एंबुलेंस खड़ी रहती थीं और पुलिस चौकी भी बनी है उसके पास ही जमीन चुनी गई। वहां पर 1800 वर्ग फीट जगह खाली है, लेकिन 200 वर्ग फीट एरिया में ही उनके डिजाइन के मुताबिक कमरे का निर्माण कराएंगे। डायलिसिस यूनिट में पूरा स्टाफ बाहर का होगा। स्टाफ तैनात करने की जिम्मेदारी डायलिसिस यूनिट लगाने वाले एनजीओ की होगी।
आठ सीएचसी-पीएचसी को ढाई लाख की पहली किस्त की। मशीनों की मरम्मत कराने, उपकरण खरीदने, सफाई, वॉटर कूलर, बैड चादर धुलाई समेत कई काम मर्जी से करा पाएंगे। जलेसर पीएचसी मे खराब पड़ी एक्सरे मशीन की मरम्मत होने से मरीजों को अब एक्सरे के लिए निजी अस्पताल नहीं जाना होगा।
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ट्रॉमा सेंटर के लिए प्रशासन से मांगी भूमि
मुख्य चिकित्सा अधिकारी दफ्तर के पास खाली पड़ी करीब 2.5 एकड़ सरकारी भूमि पर ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए सीएमओ ने डीएम से भूमि मांगी है। सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने बताया कि भूमि आवंटित होते ही शासन को सेंटर का प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिला मुख्यालय पर ट्रॉमा सेंटर बनने से सड़क हादसों की गंभीर घायलों को समय पर उपचार मिल पाएगा।
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जिला अस्पताल इमरजेंसी के पास दो हजार वर्ग फीट जमीन पर डायलिसिस यूनिट लगेगी। यूनिट लगाने वाली एनजीओ, स्वास्थ्य विभाग के निर्माण विभाग और सीएमएस ने भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। एनजीओ ने भूमि का सर्वे कर लिया है।
सीएमओ डा0 आरसी पांडेय की माने तो डायलिसिस यूनिट लगाने की जिम्मेदारी लखनऊ बेस्ड एनजीओ को दी गई है। उन्होंने कहा जिला अस्पताल इमरजेंसी के बराबर में जहां कबाड़ एंबुलेंस खड़ी रहती थीं और पुलिस चौकी भी बनी है उसके पास ही जमीन चुनी गई। वहां पर 1800 वर्ग फीट जगह खाली है, लेकिन 200 वर्ग फीट एरिया में ही उनके डिजाइन के मुताबिक कमरे का निर्माण कराएंगे। डायलिसिस यूनिट में पूरा स्टाफ बाहर का होगा। स्टाफ तैनात करने की जिम्मेदारी डायलिसिस यूनिट लगाने वाले एनजीओ की होगी।
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आठ सीएचसी-पीएचसी को ढाई लाख की पहली किस्त की। मशीनों की मरम्मत कराने, उपकरण खरीदने, सफाई, वॉटर कूलर, बैड चादर धुलाई समेत कई काम मर्जी से करा पाएंगे। जलेसर पीएचसी मे खराब पड़ी एक्सरे मशीन की मरम्मत होने से मरीजों को अब एक्सरे के लिए निजी अस्पताल नहीं जाना होगा।
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ट्रॉमा सेंटर के लिए प्रशासन से मांगी भूमि
मुख्य चिकित्सा अधिकारी दफ्तर के पास खाली पड़ी करीब 2.5 एकड़ सरकारी भूमि पर ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए सीएमओ ने डीएम से भूमि मांगी है। सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने बताया कि भूमि आवंटित होते ही शासन को सेंटर का प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिला मुख्यालय पर ट्रॉमा सेंटर बनने से सड़क हादसों की गंभीर घायलों को समय पर उपचार मिल पाएगा।