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Agra News: इंश्योरेंस के नवीनीकरण के नाम पर 90 हजार की ठगी
Sat, 01 Nov 2025 08:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 01 Nov 2025 08:23 PM IST
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-कंपनी अधिकारी बनकर ठगों ने जमा कराए रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सोरों जी। गांव आनंदीपुर के युवक के साथ इंश्योरेंस के नवीनीकरण जमा कराने के नाम पर 90 हजार की ठगी हो गई। ठग ने इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर उसे फोन किया और खाते में रुपये जमा करा लिए। इसके बाद उसका नंबर बंद हो गया, तब युवक को ठगी का अहसास हुआ।
आनंदीपुर निवासी दिनेश चंद्र पुत्र पन्नालाल ने बताया कि पिछले साल 28 अक्टूबर को एक इंश्योरेंस कंपनी की सेमिनार हुई थी। जिसमें कंपनी एजेंट दीपाली ने 1 लाख रुपये में उसकी हेल्थ पाॅलिसी की थी। इसका 27 अक्टूबर में नवीनीकरण होना था। इस संबंध में उसके पास 15 अक्टूबर को कॉल आया। इसमें पाॅलिसी को नवीनीकरण करने की बात कही गई। इसके बाद कंपनी के एक कथित अधिकारी का उसके पास दोबारा 29 अक्टूबर को काॅल आया। उसने पाॅलिसी नंबर समेत सभी जानकारी दी और पाॅलिसी नवीनीकरण के 89,872 रुपये जमा करने को कहा। कथित अधिकारी ने कंपनी के बताए बैंक खाते में रुपये डालने को बोला। इस पर दिनेश चंद्र ने इस खाते में यूपीआई से 89,872 रुपये जमा कर दिए। उसने पाॅलिसी नवीनीकरण की रसीद प्रार्थी के ई-मेल और वाट्सएप पर 24 घंटे के बाद भेजने को कहा। जब 24 घंटे के बाद युवक को कोई रसीद नहीं मिली तो उसने उस नंबर पर दोबारा कॉल की। इस दौरान नंबर बंद मिला। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने कंपनी के टोलफ्री नंबर पर कॉल करके जानकारी की तो पता चला कि कंपनी को कोई पेमेंट नहीं मिला है। इस पर उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत करते हुए धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाने के प्रभारी रामकेश राजपूत ने बताया कि थाने पर अभी साइबर ठगी की तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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सोरों जी। गांव आनंदीपुर के युवक के साथ इंश्योरेंस के नवीनीकरण जमा कराने के नाम पर 90 हजार की ठगी हो गई। ठग ने इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर उसे फोन किया और खाते में रुपये जमा करा लिए। इसके बाद उसका नंबर बंद हो गया, तब युवक को ठगी का अहसास हुआ।
आनंदीपुर निवासी दिनेश चंद्र पुत्र पन्नालाल ने बताया कि पिछले साल 28 अक्टूबर को एक इंश्योरेंस कंपनी की सेमिनार हुई थी। जिसमें कंपनी एजेंट दीपाली ने 1 लाख रुपये में उसकी हेल्थ पाॅलिसी की थी। इसका 27 अक्टूबर में नवीनीकरण होना था। इस संबंध में उसके पास 15 अक्टूबर को कॉल आया। इसमें पाॅलिसी को नवीनीकरण करने की बात कही गई। इसके बाद कंपनी के एक कथित अधिकारी का उसके पास दोबारा 29 अक्टूबर को काॅल आया। उसने पाॅलिसी नंबर समेत सभी जानकारी दी और पाॅलिसी नवीनीकरण के 89,872 रुपये जमा करने को कहा। कथित अधिकारी ने कंपनी के बताए बैंक खाते में रुपये डालने को बोला। इस पर दिनेश चंद्र ने इस खाते में यूपीआई से 89,872 रुपये जमा कर दिए। उसने पाॅलिसी नवीनीकरण की रसीद प्रार्थी के ई-मेल और वाट्सएप पर 24 घंटे के बाद भेजने को कहा। जब 24 घंटे के बाद युवक को कोई रसीद नहीं मिली तो उसने उस नंबर पर दोबारा कॉल की। इस दौरान नंबर बंद मिला। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने कंपनी के टोलफ्री नंबर पर कॉल करके जानकारी की तो पता चला कि कंपनी को कोई पेमेंट नहीं मिला है। इस पर उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत करते हुए धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाने के प्रभारी रामकेश राजपूत ने बताया कि थाने पर अभी साइबर ठगी की तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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