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Agra News: ग्रीन एंक्लेव में 3.50 करोड़ से बदलेगी 90 जर्जर फ्लैटों की सूरत

Sun, 08 Mar 2026 02:19 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:19 AM IST
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90 dilapidated flats in Green Enclave to be transformed with Rs 3.50 crore
सेक्टर 2 सी स्थित ग्रीन एनक्लेव का निरीक्षण करते आवास आयुक्त बलकार सिंह स्त्रोत आ वि प
आगरा। आवास विकास परिषद के ग्रीन एनक्लेव में जर्जर हो रहे 90 फ्लैट की साढ़े तीन करोड़ रुपये से सूरत बदलेगी। शनिवार को आवास आयुक्त बलकार सिंह ने सेक्टर-2 सी स्थित ग्रीन एंक्लेव का निरीक्षण किया। बदहाल पड़े फ्लैटों की मरम्मत कर उन्हें बिक्री योग्य बनाने के कड़े निर्देश दिए।
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आवास आयुक्त ने अरतौनी योजना की भी समीक्षा की। परिषद ने 2013 में सेक्टर-2सी में 96 फ्लैट का निर्माण किया था, लेकिन रखरखाव और सुविधाओं के अभाव में 13 वर्षों में मात्र 6 फ्लैट ही बिक सके। वर्तमान में 90 फ्लैट खंडहर होने की कगार पर हैं। इनमें प्लास्टर झड़ रहा है। सीवेज के साथ ड्रेनेज सिस्टम ठप है।
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ऐसे होगा कायाकल्प

नया निर्माण: अपार्टमेंट में पहले क्लब हाउस नहीं था, अब इसका निर्माण कराया जाएगा।
आधुनिक सुविधाएं: परिसर में जिम, बच्चों के लिए झूले और बेहतर लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी।

मरम्मत: रंगाई-पुताई के साथ लिफ्ट और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा।
बजट: अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के अनुसार, करीब 3.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है।

57 लाख में मिलेगा 2 बीएचके
बिक्री को बढ़ावा देने के लिए परिषद ने पहले ही फ्लैटों की कीमतों में 15% की कटौती की है। जो फ्लैट पहले 63 लाख रुपये के थे, वे अब 57 लाख रुपये में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही परिषद अरतौनी योजना के विस्तार के लिए नई भूमि अधिग्रहण की तैयारी में है।
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एडीए के 400 फ्लैट के नहीं मिल रहे खरीदार
सिर्फ आवास विकास ही नहीं, आगरा विकास प्राधिकरण की हालत भी चिंताजनक है। ताजनगरी हाइट्स योजना में 170 फ्लैट अलोकप्रिय घोषित हो चुके हैं, जिन्हें अब बल्क सेल के जरिये बेचने की योजना है। शास्त्रीपुरम हाइट्स में भी 250 फ्लैट लंबे समय से खाली पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं।

गरीबों के आशियानों पर संकट, 752 आवास जर्जर

बीएसयूपी योजना के तहत शास्त्रीपुरम में बनाए गए 1360 आवासों में से 752 बेहद जर्जर स्थिति में हैं। स्थानीय निवासी विद्या प्रसाद राज ने आरोप लगाया कि ठेकेदार के घटिया सामग्री के प्रयोग से इमारतें समय से पहले ही खराब हो गईं। मंडलायुक्त के आदेश के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिसे लेकर शनिवार को समाधान दिवस में फिर शिकायत दर्ज कराई गई है।
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