{"_id":"5c2f9ae2bdec22569d466c90","slug":"81546623714-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैमरा वॉइस रिकार्डर के शासनादेश का पालन करें विद्यालय: सीडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैमरा वॉइस रिकार्डर के शासनादेश का पालन करें विद्यालय: सीडीओ
विज्ञापन
CCTV Camera
- फोटो : irishtimes.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। नकल विहीन बोर्ड परीक्षाएं शासन की प्राथमिकता है। जिले में इस वर्ष भी नकल विहीन परीक्षाएं सुनिश्चित की जाएगी । इसके लिए परीक्षा कक्षों में दो-दो सीसीटीवी कैमरा-वॉइस रिकार्डर लगवाने हैं। शुक्रवार को अविनाशी सहाय आर्य इंटर कालेज में आयोजित केंद्र व्यवस्थापकों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने कहा कि नकल को लेकर सख्त शासन ने इस वर्ष प्रतिष्ठित विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया है। डीआईओएस एनडी वर्मा ने कहा कि नकल विहीन परीक्षाएं एक चुनौती है। जिले में नकल विहीन परीक्षाओं के लिए व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। अधिकांश केंद्रों से सीसीटीवी-वाइस रिकार्डर लगने के प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। वर्मा ने कहा कि फंड के अभाव में प्रधानाचार्य अन्य फंड का प्रयोग कर सकते हैं। सह जिला विद्यालय निरीक्षक केएस वर्मा ने कहा कि एक कैमरे के दुरुपयोग के चलते शासन ने दो कैमरों की बाध्यता की है। शासन के आदेश का पालन करना ही होगा।
आर्य विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुदेशिया ने अतिथियों का आभार जताया। संचालन मनोज तिवारी ने किया। उपस्थित प्रधानाचार्यों में डीके सिंह, डॉ ब्रजभूषण सिंह, आरई सिंह, संजीव अश्वनी लाल, डॉ राघवेंद्र मिश्र, अनोखे सिंह यादव, डॉ होम सिंह कुशवाहा, दुर्वेश यादव, सोमेश शर्मा, राजवीर सिंह आदि प्रमुख हैं।
प्रधानाचार्यों ने जताया विरोध
एक एक कैमरा वॉइस रिकार्डर लगवा चुके प्रधानाचार्य दो-दो सेट लगवाने को तुगलकी फरमान बताकर विरोध कर रहे हैं। प्रधानाचार्य विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन के आदेश पर सीसीटीवी-वॉइस रिकार्डर लगवा दिए गए हैं। लेकिन अब दो दो लगवाने के लिए फंड नहीं है।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य परिषद के जिलामंत्री डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि हजारों रुपए फर्नीचर एवं अन्य परीक्षा व्यवस्थाओं में लग रहा है। ऐसे में दोहरे सेट लगवाने में परेशानी आ रही है। प्रधानाचार्य डॉ विनीता तिवारी, डॉ नंदलाल यादव आदि प्रमुख हैं।
ऑन लाइन करें मानव संपदा विवरण
शासन ने विद्यालयों से मानव संपदा विवरण मांगा है। पटल प्रभारी नईम अहमद ने तीस पेज के प्रपत्र के सौ से अधिक बिंदुओं का ऑन लाइन एवं हार्ड कॉपी विवरण 15 दिनों के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस वर्ष भी जिले में कोडिड बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग
एटा। जिले में इस बार भी बोर्ड परीक्षा में कोडिड उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग किया जाएगा। बोर्ड द्वारा 2.65 लाख से अधिक कोडिड कापियां प्राप्त करा दी गई हैं। इन्हें राजकीय इंटर कालेज में पूर्ण सुरक्षा में रखवाया गया है।
वर्षों पूर्व नकल के लिए कुख्यात रहे जिले से नकल का दाग धुल नहीं पा रहा। गत वर्ष की नकल विहीन परीक्षा, अच्छे परिणाम एवं विभागीय प्रशस्ति के बाद भी जिले में कोडिड कापियों का ही प्रयोग किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जिले को भेजी गई दो लाख 65 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं कोडिड हैं। इनमें डेढ़ लाख हाईस्कूल एवं 1.15 लाख हाईस्कूल कापियां शामिल हैं। हर कापी पर एक क्रमांक लिखा है। परीक्षा केंद्रों को कोड के आधार पर ही इन्हें आवंटित किया जाएगा। इतना ही नहीं केंद्रों पर भी कक्ष निरीक्षकों को अनुक्रमांक को दी गई कापियों का कोड अंकित कर मूल्यंाकन केंद्र एवं संकलन केंद्र पर देना होगा। डीआईओएस के अनुसार प्राप्त कोडिड कापियों को राजकीय इंटर कालेज में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
क्या हैं कोडिड कापियां?
नकल माफियाओं द्वारा बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं की अदला बदली, दुरुपयोग रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक नकल बहुल जिलों में कोडिड उत्तर पुस्तिकाओं के प्रयोग के निर्देश दिए थे। इनमें एटा भी चिह्नित किया गया था। पूर्व में जिले में हुई छापामारी के दौरान कई स्थानों पर मिलीं कोरी उत्तर पुस्तिकाओं की घटनाओं के बाद कोडिड कापियां की सार्थकता और भी बढ़ गई।
विज्ञापन
आर्य विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुदेशिया ने अतिथियों का आभार जताया। संचालन मनोज तिवारी ने किया। उपस्थित प्रधानाचार्यों में डीके सिंह, डॉ ब्रजभूषण सिंह, आरई सिंह, संजीव अश्वनी लाल, डॉ राघवेंद्र मिश्र, अनोखे सिंह यादव, डॉ होम सिंह कुशवाहा, दुर्वेश यादव, सोमेश शर्मा, राजवीर सिंह आदि प्रमुख हैं।
विज्ञापन
प्रधानाचार्यों ने जताया विरोध
एक एक कैमरा वॉइस रिकार्डर लगवा चुके प्रधानाचार्य दो-दो सेट लगवाने को तुगलकी फरमान बताकर विरोध कर रहे हैं। प्रधानाचार्य विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन के आदेश पर सीसीटीवी-वॉइस रिकार्डर लगवा दिए गए हैं। लेकिन अब दो दो लगवाने के लिए फंड नहीं है।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य परिषद के जिलामंत्री डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि हजारों रुपए फर्नीचर एवं अन्य परीक्षा व्यवस्थाओं में लग रहा है। ऐसे में दोहरे सेट लगवाने में परेशानी आ रही है। प्रधानाचार्य डॉ विनीता तिवारी, डॉ नंदलाल यादव आदि प्रमुख हैं।
ऑन लाइन करें मानव संपदा विवरण
शासन ने विद्यालयों से मानव संपदा विवरण मांगा है। पटल प्रभारी नईम अहमद ने तीस पेज के प्रपत्र के सौ से अधिक बिंदुओं का ऑन लाइन एवं हार्ड कॉपी विवरण 15 दिनों के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस वर्ष भी जिले में कोडिड बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग
एटा। जिले में इस बार भी बोर्ड परीक्षा में कोडिड उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग किया जाएगा। बोर्ड द्वारा 2.65 लाख से अधिक कोडिड कापियां प्राप्त करा दी गई हैं। इन्हें राजकीय इंटर कालेज में पूर्ण सुरक्षा में रखवाया गया है।
वर्षों पूर्व नकल के लिए कुख्यात रहे जिले से नकल का दाग धुल नहीं पा रहा। गत वर्ष की नकल विहीन परीक्षा, अच्छे परिणाम एवं विभागीय प्रशस्ति के बाद भी जिले में कोडिड कापियों का ही प्रयोग किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जिले को भेजी गई दो लाख 65 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं कोडिड हैं। इनमें डेढ़ लाख हाईस्कूल एवं 1.15 लाख हाईस्कूल कापियां शामिल हैं। हर कापी पर एक क्रमांक लिखा है। परीक्षा केंद्रों को कोड के आधार पर ही इन्हें आवंटित किया जाएगा। इतना ही नहीं केंद्रों पर भी कक्ष निरीक्षकों को अनुक्रमांक को दी गई कापियों का कोड अंकित कर मूल्यंाकन केंद्र एवं संकलन केंद्र पर देना होगा। डीआईओएस के अनुसार प्राप्त कोडिड कापियों को राजकीय इंटर कालेज में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
क्या हैं कोडिड कापियां?
नकल माफियाओं द्वारा बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं की अदला बदली, दुरुपयोग रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक नकल बहुल जिलों में कोडिड उत्तर पुस्तिकाओं के प्रयोग के निर्देश दिए थे। इनमें एटा भी चिह्नित किया गया था। पूर्व में जिले में हुई छापामारी के दौरान कई स्थानों पर मिलीं कोरी उत्तर पुस्तिकाओं की घटनाओं के बाद कोडिड कापियां की सार्थकता और भी बढ़ गई।