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बी ग्रुप की लापरवाही पर एनएचएआई सख्त
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कासगंज। सिक्सलेन की प्रक्रिया दो ग्रुपों में उलझ गई है। ग्रुप ए ने तो सक्रियता दिखाते हुए काम को गति दी है, लेकिन ग्रुप बी अभी भी लापरवाह बना हुआ है। जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर राजस्व विभाग का सहयोग मांगा है। ग्रुप बी की लापरवाही पर नाराजगी भी जाहिर की है।
मथुरा-बरेली राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने के लिए एनएचएआई ने अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई है। राष्ट्रीय राजमार्ग जिले की हद से 39 गांव की सीमा से गुजरेगा। इन गांव की भूमि अधिग्रहण के लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं। बरेली से कासगंज की सीमा में गोरहा तक ग्रुप ए काम कर रहा है, जबकि मथुरा से कासगंज की सीमा में कांतौर और गोरहा तक ग्रुप बी को काम की जिम्मेदारी दी गई है।
ग्रुप ए ने तो अधिग्रहण की पत्रावली लगभग पूर्ण कर ली है, लेकिन ग्रुप बी द्वारा अभी प्रक्रिया को गति नहीं दी गई है। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने नाराजगी जाहिर की है। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर राजस्व टीम का सहयोग मांगा है। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीमों को काम में तेजी के निर्देश दिए हैं।
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एनएचएआई के सर्वेयर शिवम त्रिपाठी ने बताया कि ग्रुप बी का काम अभी गति नहीं पकड़ रहा है। 21 गांव के अधिग्रहण संबंधी काम का प्रस्ताव भी ढिलाई मे है। एनएचएआई ने सर्वे में तेजी के लिए पत्र लिखा है। वहीं तहसीलदार ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि ग्रुप ए ने काफी हद तक काम कर लिया है। ग्रुप बी भी काम कर रहा है। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि कितने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
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मथुरा-बरेली राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने के लिए एनएचएआई ने अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई है। राष्ट्रीय राजमार्ग जिले की हद से 39 गांव की सीमा से गुजरेगा। इन गांव की भूमि अधिग्रहण के लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं। बरेली से कासगंज की सीमा में गोरहा तक ग्रुप ए काम कर रहा है, जबकि मथुरा से कासगंज की सीमा में कांतौर और गोरहा तक ग्रुप बी को काम की जिम्मेदारी दी गई है।
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ग्रुप ए ने तो अधिग्रहण की पत्रावली लगभग पूर्ण कर ली है, लेकिन ग्रुप बी द्वारा अभी प्रक्रिया को गति नहीं दी गई है। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने नाराजगी जाहिर की है। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर राजस्व टीम का सहयोग मांगा है। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीमों को काम में तेजी के निर्देश दिए हैं।
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एनएचएआई के सर्वेयर शिवम त्रिपाठी ने बताया कि ग्रुप बी का काम अभी गति नहीं पकड़ रहा है। 21 गांव के अधिग्रहण संबंधी काम का प्रस्ताव भी ढिलाई मे है। एनएचएआई ने सर्वे में तेजी के लिए पत्र लिखा है। वहीं तहसीलदार ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि ग्रुप ए ने काफी हद तक काम कर लिया है। ग्रुप बी भी काम कर रहा है। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि कितने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।