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सुस्त रफ्तार से अटका फीडिंग का काम
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:05 PM IST
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एटा। पंचायतों में साल भर में विकास पर खर्च का हिसाब देने में ग्राम पंचायत के जिम्मेदार कतरा रहे हैं। अब तक महज 213 ग्राम पंचायतों ने विवरण विभाग को दिया है। इसके लिए फीडिंग कार्य अटका पड़ा है। विवरण आनलाइन फीड नहीं होने के चलते शासन ने नाराजगी जताई है।
जिले की 576 ग्राम पंचायतों को हर साल विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये मिलता है। ग्राम पंचायतें विकास पर खर्च होने वाले धन का हिसाब किताब प्रतिवर्ष प्रियासॉफ्ट पर फीड कराकर शासन और विभाग को उपलब्ध कराती हैं। वर्ष 2017-18 की प्रियासाफ्ट फीडिंग का हाल इन दिनों खराब है।
आलम यह है कि जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से अब तक महज 213 ग्राम पंचायतों ने खर्च के विवरण उपलब्ध कराए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत विकास योजना का काम लटका है। विगत दिनों सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने सभी पंचायत सचिवों को तेजी से खर्च का विवरण फीड कराने के निर्देश दिए थे।
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कार्ययोजना की रफ्तार भी सुस्त
नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के लिए पेश की जानी वाली कार्ययोजना की फीडिंग की रफ्तार भी सुस्त है। अब तक महज 331 ग्राम पंचायतें कार्ययोजना फीड करा सकी हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत में विकास कार्य अटके हैं।
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ग्राम पंचायतों में अभिलेख नहीं
ग्राम पंचायतों के खर्च के अभिलेख भी गायब हैं। तमाम ग्राम पंचायतें अभिलेख नहीं होने के चलते खर्च का विवरण देने से बच रही हैं।
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ये है हाल
ब्लॉक ग्राम पंचायत कार्ययोजना फीडिंग खर्च फीडिंग
अलीगंज 93 16 15
अवागढ़ 54 36 35
जैथरा 67 40 29
जलेसर 56 21 18
मारहरा 59 54 39
निधौलीकलां 71 58 26
सकीट 92 64 23
शीतलपुर 83 42 28
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प्रियासाफ्ट और कार्य योजनाओं की फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द फीडिंग पूरी नहीं हुई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
जिले की 576 ग्राम पंचायतों को हर साल विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये मिलता है। ग्राम पंचायतें विकास पर खर्च होने वाले धन का हिसाब किताब प्रतिवर्ष प्रियासॉफ्ट पर फीड कराकर शासन और विभाग को उपलब्ध कराती हैं। वर्ष 2017-18 की प्रियासाफ्ट फीडिंग का हाल इन दिनों खराब है।
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आलम यह है कि जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से अब तक महज 213 ग्राम पंचायतों ने खर्च के विवरण उपलब्ध कराए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत विकास योजना का काम लटका है। विगत दिनों सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने सभी पंचायत सचिवों को तेजी से खर्च का विवरण फीड कराने के निर्देश दिए थे।
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कार्ययोजना की रफ्तार भी सुस्त
नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के लिए पेश की जानी वाली कार्ययोजना की फीडिंग की रफ्तार भी सुस्त है। अब तक महज 331 ग्राम पंचायतें कार्ययोजना फीड करा सकी हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत में विकास कार्य अटके हैं।
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ग्राम पंचायतों में अभिलेख नहीं
ग्राम पंचायतों के खर्च के अभिलेख भी गायब हैं। तमाम ग्राम पंचायतें अभिलेख नहीं होने के चलते खर्च का विवरण देने से बच रही हैं।
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ये है हाल
ब्लॉक ग्राम पंचायत कार्ययोजना फीडिंग खर्च फीडिंग
अलीगंज 93 16 15
अवागढ़ 54 36 35
जैथरा 67 40 29
जलेसर 56 21 18
मारहरा 59 54 39
निधौलीकलां 71 58 26
सकीट 92 64 23
शीतलपुर 83 42 28
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प्रियासाफ्ट और कार्य योजनाओं की फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द फीडिंग पूरी नहीं हुई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ