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झोलाछाप कर रहे जान से खलवाड़
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:12 PM IST
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झोलाछाप कर रहे जान से खलवाड़
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। कहने को तो जिले में डाक्टर और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, लेकिन यह अभाव ग्रामीणों को नहीं सालता। जिले में जागरूकता के अभाव में मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। बीएससी पास युवा डाक्टर बनकर मरीजों को लूट रहे हैं। मगर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को यह सब नजर नहीं आता। शहर के सहावर रोड स्थित जिरसमी नहर के पास अवैध क्लीनिकों का धंधा खूब फल फूल रहा है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने मामले की पड़ताल की, तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। आलम यह है कि डाक्टर छोटी सी दुकान में एक बीपी मशीन रखकर अपना क्लीनिक चला रहे हैं। पेश है रिपोर्ट...
दो साल प्रैक्टिस के बाद खोल ली दुकान
जिरसमी पुल को पार करके एक दुकान में क्लीनिक चल रहा है। मरीजों को बोतलें चढ़ रही हैं। एक डाक्टर के नाम से पिछले दो साल से अवैध क्लीनिक चल रहा है। बताया जाता है कि तथाकथित डाक्टर साहब बीएससी पास हैं और कासगंज के एक अस्पताल में दो साल प्रैक्टिस करने के बाद यहां दुकान खोल ली और मरीजों को लूट रहे हैं।
एक नहीं दो-दो क्लीनिक चला रहे
गांव न्यौराई निवासी फर्जी तरीके से दो-दो क्लीनिक चला रहा है। पड़ताल के दौरान क्लीनिक संचालक नदारद था और मरीज बेंच पर लेटकर इंतजार कर रहा था। क्लीनिक पर एक बाक्स में ही सिरिंज और इंजेक्शन पड़े हुए थे। क्लीनिक संचालक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सब चला रहे हैं, तो हम भी चला रहे हैं।
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बेंच पर चल रहा पूरा क्लीनिक
पुल से थोड़ा आगे बढ़ने पर एक और क्लीनिक था। क्लीनिक संचालक गायब हैं। जानकारी करने पर पता चला कि डाक्टर साहब घर गए हैं। वैसे यहां पूरे दिन मरीजों की भीड़ लगती है। दोपहर के समय थोड़ा सन्नाटा था, तो क्लीनिक संचालक चल गए। यहां भी एक बेंच पर लिटाकर खुले में मरीजों का इलाज होता है।
स्वास्थ्य विभाग की आंखें बंद
पूरे जिले का आलम कुछ यही है। जगह-जगह दुकानें खोले बैठे झोलाछाप लोगों की जान से खेल रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। स्वास्थ्य विभाग भी झोलाछापों को बचाने में आगे नजर आता है। पिछले कई सालों से क्षेत्र में जमकर मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। विभाग के पास इन डाक्टरों का कोई रिकार्ड भी नहीं है।
गर्मियों में बढ़ जाती है मरीजों की तादाद
झोलाछापों का असली धंधा गर्मियों में होता है। गर्मियों में डिहाइड्रेशन, मलेरिया जैसी बीमारियों में झोलाछाप मरीजों को खूब लूटते हैं। इन दिनों क्षेत्र के इन झोलाछापों के पास मरीजों की भीड़ उमड़ती है।
झोलाछापों पर लगाम लगाने को अभियान चलाया जाएगा। पहले भी झोलाछापों पर कार्रवाई की गई है। जल्द ही झोलाछापों पर शिकंजा सका जाएगा।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
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दो साल प्रैक्टिस के बाद खोल ली दुकान
जिरसमी पुल को पार करके एक दुकान में क्लीनिक चल रहा है। मरीजों को बोतलें चढ़ रही हैं। एक डाक्टर के नाम से पिछले दो साल से अवैध क्लीनिक चल रहा है। बताया जाता है कि तथाकथित डाक्टर साहब बीएससी पास हैं और कासगंज के एक अस्पताल में दो साल प्रैक्टिस करने के बाद यहां दुकान खोल ली और मरीजों को लूट रहे हैं।
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एक नहीं दो-दो क्लीनिक चला रहे
गांव न्यौराई निवासी फर्जी तरीके से दो-दो क्लीनिक चला रहा है। पड़ताल के दौरान क्लीनिक संचालक नदारद था और मरीज बेंच पर लेटकर इंतजार कर रहा था। क्लीनिक पर एक बाक्स में ही सिरिंज और इंजेक्शन पड़े हुए थे। क्लीनिक संचालक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सब चला रहे हैं, तो हम भी चला रहे हैं।
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बेंच पर चल रहा पूरा क्लीनिक
पुल से थोड़ा आगे बढ़ने पर एक और क्लीनिक था। क्लीनिक संचालक गायब हैं। जानकारी करने पर पता चला कि डाक्टर साहब घर गए हैं। वैसे यहां पूरे दिन मरीजों की भीड़ लगती है। दोपहर के समय थोड़ा सन्नाटा था, तो क्लीनिक संचालक चल गए। यहां भी एक बेंच पर लिटाकर खुले में मरीजों का इलाज होता है।
स्वास्थ्य विभाग की आंखें बंद
पूरे जिले का आलम कुछ यही है। जगह-जगह दुकानें खोले बैठे झोलाछाप लोगों की जान से खेल रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। स्वास्थ्य विभाग भी झोलाछापों को बचाने में आगे नजर आता है। पिछले कई सालों से क्षेत्र में जमकर मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। विभाग के पास इन डाक्टरों का कोई रिकार्ड भी नहीं है।
गर्मियों में बढ़ जाती है मरीजों की तादाद
झोलाछापों का असली धंधा गर्मियों में होता है। गर्मियों में डिहाइड्रेशन, मलेरिया जैसी बीमारियों में झोलाछाप मरीजों को खूब लूटते हैं। इन दिनों क्षेत्र के इन झोलाछापों के पास मरीजों की भीड़ उमड़ती है।
झोलाछापों पर लगाम लगाने को अभियान चलाया जाएगा। पहले भी झोलाछापों पर कार्रवाई की गई है। जल्द ही झोलाछापों पर शिकंजा सका जाएगा।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ