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हरा रंग कर सकता है अंधता दोष
Updated Thu, 01 Mar 2018 09:52 PM IST
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फिरोजाबाद। होली के मौके पर आज हर कोई धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। रंगो में प्रयुक्त होने वाले केमिकल त्वचा के साथ-साथ आंखों और फेंफड़ों को भी नुकसान पहुंचाएंगे।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सुधाकर का कहना है कि होली के रंगों में केमिकल त्वचा के लिए बहुत हानिकारक रहता है। हरा रंग में कॉपर सल्फेट मिला रहता है, जो अंधता दोष कर सकता है। इसलिए केमिकल रंगों से बचना चाहिए। रंग प्रयोग से पहले पूरे शरीर पर ऑयल या क्रीम लगा लें। किसी को जबरदस्ती रंग न लगाएं। आंख में रंग चला जाए तो साफ पानी से धो लें। जलन हो तो चिकित्सक की राय लें।
ट्रामा सेंटर के डॉ. उमेश गर्ग का कहना है कि होली से रंगे हाथों से लोग खाना शुरू कर देते हैं। इससे केमिकल खाने के साथ अंदर चला जाता है, जो कि खतरनाक बीमारियों की शुरुआत कर देता है। होली पर हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। केमिकल रंगाें से त्वचा रूखी हो जाती है और शरीर पर लाल दाने पड़ जाते हैं। नहाने के बाद क्रीम, बेसलीन का इस्तेमाल कर लें।
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इन रंगों से कैमिकल से यह हो सकते हैं नुकसान
- हरा रंग में कॉपर सल्फेट से आंख संक्रमण
- बैगनी कलर में क्रोमियम आयोडाइड से अस्थमा हो सकता है।
- सिल्वर रंग में मिले एल्मुनियम क्रोमाइड से अस्थमा हो सकता है।
- लाल रंग में मरक्यूरी सल्फाइड से कैंसर बीमारी की शुुरु हो सकती है।
- शाइनिंग कलर्स से त्वचा पर लाल चकते पड़ सकते हैं।
नकली हर्बल रंगों के ना आएं धोखे में
हर्बल गुलाल और ंरंगों के नाम पर कई मर्तबा दुकानदार हर्बल और केमिकल फ्री बताकर गलत रंग थमा देते हैं। ऐसे ब्रांडेड रंगों पर विश्वास करें। जहां तक हो तो फूलों से होली खेलें।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सुधाकर का कहना है कि होली के रंगों में केमिकल त्वचा के लिए बहुत हानिकारक रहता है। हरा रंग में कॉपर सल्फेट मिला रहता है, जो अंधता दोष कर सकता है। इसलिए केमिकल रंगों से बचना चाहिए। रंग प्रयोग से पहले पूरे शरीर पर ऑयल या क्रीम लगा लें। किसी को जबरदस्ती रंग न लगाएं। आंख में रंग चला जाए तो साफ पानी से धो लें। जलन हो तो चिकित्सक की राय लें।
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ट्रामा सेंटर के डॉ. उमेश गर्ग का कहना है कि होली से रंगे हाथों से लोग खाना शुरू कर देते हैं। इससे केमिकल खाने के साथ अंदर चला जाता है, जो कि खतरनाक बीमारियों की शुरुआत कर देता है। होली पर हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। केमिकल रंगाें से त्वचा रूखी हो जाती है और शरीर पर लाल दाने पड़ जाते हैं। नहाने के बाद क्रीम, बेसलीन का इस्तेमाल कर लें।
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इन रंगों से कैमिकल से यह हो सकते हैं नुकसान
- हरा रंग में कॉपर सल्फेट से आंख संक्रमण
- बैगनी कलर में क्रोमियम आयोडाइड से अस्थमा हो सकता है।
- सिल्वर रंग में मिले एल्मुनियम क्रोमाइड से अस्थमा हो सकता है।
- लाल रंग में मरक्यूरी सल्फाइड से कैंसर बीमारी की शुुरु हो सकती है।
- शाइनिंग कलर्स से त्वचा पर लाल चकते पड़ सकते हैं।
नकली हर्बल रंगों के ना आएं धोखे में
हर्बल गुलाल और ंरंगों के नाम पर कई मर्तबा दुकानदार हर्बल और केमिकल फ्री बताकर गलत रंग थमा देते हैं। ऐसे ब्रांडेड रंगों पर विश्वास करें। जहां तक हो तो फूलों से होली खेलें।