{"_id":"5a4fb66f4f1c1b36198b4fd7","slug":"81515173487-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आत्मदाह की धमकी से फूले प्रशासन के हाथ-पांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आत्मदाह की धमकी से फूले प्रशासन के हाथ-पांव
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:30 PM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट पर तैना पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी/भोगांव। आलीपुरखेड़ा के एक व्यक्ति ने सरकारी आवास न मिलने से आहत होकर कलक्ट्रेट में आत्मदाह की धमकी दी इस पर प्रशासन के होश उड़ा दिए। मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना-पत्र को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कलक्ट्रेट में छुट्टी के बाद भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उधर एसडीएम भोगांव ने धमकी देने वाले सुल्तान को बताया कि उसके आवास की प्रक्रिया चल रही है। उसे आवास मिलेगा। पुलिस सुरक्षा में उसे घर भेजा गया।
थाना भोगांव क्षेत्र के आलीपुरखेड़ा निवासी सुल्तान आलम की पुत्री नाजिमा जो दिव्यांग है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसने भी आवेदन किया था, लेकिन किसी ने उसे बताया कि उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया है। सुल्तान के मुताबिक गांव निवासी एक व्यक्ति आवास दिलाने के नाम पर दलाली करता है। वहीं उसे न पेंशन की सुविधा मिल रही है, न आवास और ई-रिक्शा की। जब उसने दलाली की शिकायत की तो आरोपी घर पर चढ़कर आ गए। सभी तरफ से परेशान होने के बाद उसने मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना-पत्र भेजा। इसमें कहा कि अगर उसे कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार प्रधानपति होगा। सुल्तान ने कलक्ट्रेट में पांच जनवरी को आत्मदाह किए जाने की धमकी दी थी। धमकी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
विज्ञापन
थाना भोगांव क्षेत्र के आलीपुरखेड़ा निवासी सुल्तान आलम की पुत्री नाजिमा जो दिव्यांग है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसने भी आवेदन किया था, लेकिन किसी ने उसे बताया कि उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया है। सुल्तान के मुताबिक गांव निवासी एक व्यक्ति आवास दिलाने के नाम पर दलाली करता है। वहीं उसे न पेंशन की सुविधा मिल रही है, न आवास और ई-रिक्शा की। जब उसने दलाली की शिकायत की तो आरोपी घर पर चढ़कर आ गए। सभी तरफ से परेशान होने के बाद उसने मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना-पत्र भेजा। इसमें कहा कि अगर उसे कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार प्रधानपति होगा। सुल्तान ने कलक्ट्रेट में पांच जनवरी को आत्मदाह किए जाने की धमकी दी थी। धमकी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
विज्ञापन