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25 साल बाद हत्या में तीन को कारावास
Updated Thu, 04 Jan 2018 08:13 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो
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मथुरा। हत्या के मामले में 25 वर्ष बाद तीन आरोपियों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। केस की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है जबकि एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है।
घटना सात जून 1992 की है। मांट के पिपरौली गांव निवासी सुरेश, मक्खन, देवीचरण पुत्रगण नारायन दास और रामस्वरूप पुत्र लक्ष्मण दास सांड़ को मार रहे थे। गांव के ही सूरज प्रसाद के पुत्र प्रेम ने सांड़ को मारने से मना किया। सांड़ मार रहे सभी लोग प्रेम के साथ मारपीट करने लगे। उसे बचाने आए पिता सूरज प्रसाद और ग्रामीण केशवदास से भी चारों ने मारपीट कर दी। मारपीट से घायल सूरज प्रसाद की अगले दिन मौत हो गई। इस मामले में प्रेम ने थाना मांट में रिपोर्ट दर्ज कराई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम सुदामा प्रसाद ने सुरेश, देवीचरण पुत्रगण नारायन प्रसाद और रामस्वरूप पुत्र लक्ष्मण दास निवासी पिपरौली मांट को हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान 25 साल की अवधि में एक अभियुक्त मक्खन की मौत हो गई। एडीजीसी वीरेंद्र लवानिया ने बताया कि यह इस सत्र का सबसे पुराना केस है।
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घटना सात जून 1992 की है। मांट के पिपरौली गांव निवासी सुरेश, मक्खन, देवीचरण पुत्रगण नारायन दास और रामस्वरूप पुत्र लक्ष्मण दास सांड़ को मार रहे थे। गांव के ही सूरज प्रसाद के पुत्र प्रेम ने सांड़ को मारने से मना किया। सांड़ मार रहे सभी लोग प्रेम के साथ मारपीट करने लगे। उसे बचाने आए पिता सूरज प्रसाद और ग्रामीण केशवदास से भी चारों ने मारपीट कर दी। मारपीट से घायल सूरज प्रसाद की अगले दिन मौत हो गई। इस मामले में प्रेम ने थाना मांट में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम सुदामा प्रसाद ने सुरेश, देवीचरण पुत्रगण नारायन प्रसाद और रामस्वरूप पुत्र लक्ष्मण दास निवासी पिपरौली मांट को हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान 25 साल की अवधि में एक अभियुक्त मक्खन की मौत हो गई। एडीजीसी वीरेंद्र लवानिया ने बताया कि यह इस सत्र का सबसे पुराना केस है।
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