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यूपीएसआईडीसी ने लिया जयगुरुदेव आश्रम से जमीन पर कब्जा
Updated Fri, 15 Dec 2017 07:56 PM IST
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- फोटो : डेमो
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मथुरा। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से सटे जयगुरुदेव आश्रम के कब्जे वाले खसरा संख्या 30 में 40 वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) को दे दी गई है। इस जमीन पर जयगुरुदेव आश्रम का कब्जा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी नापजोख पिछले सप्ताह राजस्व और चकबंदी विभाग की टीम ने आला प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में की थी।
शुक्रवार को प्रभारी डीएम पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में यूपीएसआईडीसी और जयगुरुदेव आश्रम के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद सहित विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे। राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत किए नजरी नक्शा के मुताबिक दोनों पक्षों ने आम सहमति से जयगुरुदेव आश्रम के कब्जे में हाईवे किनारे की 40 वर्गमीटर जमीन को यूपीएसआईडीसी को देने पर सहमति जताई।
तय किया कि खसरा संख्या 30 में से जमीन का यह टुकड़ा जयगुरुदेव पेट्रोलपंप के बगल में यूपीएसआईडीसी को दिया जाएगा। आम सहमति से हुए फैसले के तत्काल बाद प्रभारी डीएम पवन कुमार गंगवार ने एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह को राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर चयनित जमीन यूपीएसआईडीसी के सपुर्द करने के आदेश दिए। इस पर तत्काल अमल हुआ। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे राजस्व टीम ने 40 वर्ग मीटर जमीन को यूपीएसआईडीसी के लिए चिन्हित कर दिया।
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यूपीएसआईडीसी अफसराें पर उठे सवाल
औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू से ही यूपीएसआईडीसी के अफसरों की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। खसरा संख्या 30 में भी जमीन का बंटवारा यूपीएसआईडीसी के लिए बडे़ घाटे का सौदा रहा है। 3.88 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस खसरा पर जयगुरुदेव आश्रम और यूपीएसआईडीसी का स्वामित्व बराबर है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश से जयगुरुदेव आश्रम अपना हिस्सा 1.94 एकड़ लेने में कामयाब रहा। यूपीएसआईडीसी के हिस्से में सिर्फ 40 वर्गमीटर जमीन ही आ सकी है। यूपीएसआईडीसी के अफसरों की इसी लचर प्रक्रिया के चलते बड़ी जमीन अनाधिकृत कब्जे में है।
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शुक्रवार को प्रभारी डीएम पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में यूपीएसआईडीसी और जयगुरुदेव आश्रम के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद सहित विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे। राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत किए नजरी नक्शा के मुताबिक दोनों पक्षों ने आम सहमति से जयगुरुदेव आश्रम के कब्जे में हाईवे किनारे की 40 वर्गमीटर जमीन को यूपीएसआईडीसी को देने पर सहमति जताई।
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तय किया कि खसरा संख्या 30 में से जमीन का यह टुकड़ा जयगुरुदेव पेट्रोलपंप के बगल में यूपीएसआईडीसी को दिया जाएगा। आम सहमति से हुए फैसले के तत्काल बाद प्रभारी डीएम पवन कुमार गंगवार ने एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह को राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर चयनित जमीन यूपीएसआईडीसी के सपुर्द करने के आदेश दिए। इस पर तत्काल अमल हुआ। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे राजस्व टीम ने 40 वर्ग मीटर जमीन को यूपीएसआईडीसी के लिए चिन्हित कर दिया।
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यूपीएसआईडीसी अफसराें पर उठे सवाल
औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू से ही यूपीएसआईडीसी के अफसरों की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। खसरा संख्या 30 में भी जमीन का बंटवारा यूपीएसआईडीसी के लिए बडे़ घाटे का सौदा रहा है। 3.88 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस खसरा पर जयगुरुदेव आश्रम और यूपीएसआईडीसी का स्वामित्व बराबर है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश से जयगुरुदेव आश्रम अपना हिस्सा 1.94 एकड़ लेने में कामयाब रहा। यूपीएसआईडीसी के हिस्से में सिर्फ 40 वर्गमीटर जमीन ही आ सकी है। यूपीएसआईडीसी के अफसरों की इसी लचर प्रक्रिया के चलते बड़ी जमीन अनाधिकृत कब्जे में है।