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अब माध्यमिक शिक्षकों के भी प्रमाणपत्रों की होगी जांच
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:47 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा में फर्जी शिक्षकों का खुलासा होने के बाद अब एसआईटी माध्यमिक शिक्षकों की भी जांच शुरू करेगी। आगरा में एसआईटी ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने वालों को निशाने पर लिया है। सूत्रों के अनुसार टीम ने माध्यमिक शिक्षकों की सूची तैयार कर मैनपुरी में जाने की तैयारी कर ली है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री का खुलासा होने के बाद अब एसआईटी ने माध्यमिक विभाग में आगरा विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने वाले लोगों के अभिलेख खंगालने शुरू कर दिए हैं।
शिक्षा सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने आगरा में माध्यमिक शिक्षकों की जांच शुरू कर दी है। मैनपुरी के माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की भी जांच शुरू कर दी गई है। कभी भी जिला विद्यालय निरीक्षक के पास माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों की सूची पहुंचने की संभावना है। माध्यमिक स्कूलों में फर्जी बीएड की डिग्री से शिक्षक बनने वालों की संख्या काफी बताई जा रही है।
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क्या है मामला
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में बीएड की फर्जी अंकतालिकाएं एवं डिग्री जारी कर दी गई। यही नहीं बड़ी तादात में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने का कार्य किया। एसआईटी को जब जांच सौंपी गई तो एक के बाद एक खुलासे होते चले गए। एसआईटी ने खुलासा करते हुए बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से लगभग 25 हजार लोगों को फर्जी बीएड के अंकपत्र व डिग्री जारी की गईं। एसआईटी ने अपनी जांच बेसिक शिक्षा से शुरू की तो प्रदेश में 4570 शिक्षक फर्जी निकले। इसके बाद अब एसआईटी ने डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री हासिल कर माध्यमिक में नौकरी करने वालों की जांच शुरू कर दी है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री का खुलासा होने के बाद अब एसआईटी ने माध्यमिक विभाग में आगरा विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने वाले लोगों के अभिलेख खंगालने शुरू कर दिए हैं।
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शिक्षा सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने आगरा में माध्यमिक शिक्षकों की जांच शुरू कर दी है। मैनपुरी के माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की भी जांच शुरू कर दी गई है। कभी भी जिला विद्यालय निरीक्षक के पास माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों की सूची पहुंचने की संभावना है। माध्यमिक स्कूलों में फर्जी बीएड की डिग्री से शिक्षक बनने वालों की संख्या काफी बताई जा रही है।
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क्या है मामला
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में बीएड की फर्जी अंकतालिकाएं एवं डिग्री जारी कर दी गई। यही नहीं बड़ी तादात में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने का कार्य किया। एसआईटी को जब जांच सौंपी गई तो एक के बाद एक खुलासे होते चले गए। एसआईटी ने खुलासा करते हुए बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से लगभग 25 हजार लोगों को फर्जी बीएड के अंकपत्र व डिग्री जारी की गईं। एसआईटी ने अपनी जांच बेसिक शिक्षा से शुरू की तो प्रदेश में 4570 शिक्षक फर्जी निकले। इसके बाद अब एसआईटी ने डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री हासिल कर माध्यमिक में नौकरी करने वालों की जांच शुरू कर दी है।