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सेटेलाइट तलाश रहा जयगुरुदेव आश्रम में सरकारी जमीन
Updated Thu, 24 Aug 2017 08:01 PM IST
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मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम से जुडे़ क्षेत्र में सरकारी जमीन की तलाश सेटेलाइट की मदद से की जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन के सर्वे में सेटेलाइट से उपलब्ध कराई जा रही तस्वीरों के आधार पर मौका मुआयना उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) की टीम कर रही है। इस प्रक्रिया में अब तक 106 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था से जुड़ी जमीन के मामले में पिछले दिनों शासन को जांच के आदेश दिए थे। इसमें संस्था के कब्जे में सरकारी और गैर सरकारी जमीन की रिपोर्ट मांगी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सर्वे में जयगुरुदेव आश्रम क्षेत्र की चारदीवारी और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य निकटवर्ती जमीन का नक्शा सेटेलाइट से तैयार किया जा रहा है। सेटेलाइट से आ रही तस्वीरों के आधार पर यूपीएसआईडीसी जमीन का मिलान मौके पर कर रहा है। इस कार्य में राजस्व विभाग सहयोग प्रदान कर रहा है।
इस प्रक्रिया में अब तक 106 एकड़ जमीन चिह्नित हुई है जो चारदीवारी में है। इस जमीन के राजस्व रिकार्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। यह जमीन सरकारी हो सकती है। डीएम अरविंद कुमार मलप्पा ने बताया कि सर्वे किया जा रहा है। इसमें सेटेलाइट की मदद ली है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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पहले भी कई बार शासन के आदेश पर प्रशासन द्वारा जमीन की पैमाइश की जा चुकी है। अनेक प्लाट को लेकर चकबंदी के स्तर से फैसले भी जयगुरुदेव संस्था के पक्ष में हो चुके हैं। इसके बाद भी यूपीएसआईडीसी और कुछ अन्य लोग बार-बार कोर्ट की शरण लेते हैं। संस्था के कब्जे में जो जमीन है, उसका स्वामित्व भी संस्था के पास है।
-संतराम चौधरी, प्रवक्ता, जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था से जुड़ी जमीन के मामले में पिछले दिनों शासन को जांच के आदेश दिए थे। इसमें संस्था के कब्जे में सरकारी और गैर सरकारी जमीन की रिपोर्ट मांगी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सर्वे में जयगुरुदेव आश्रम क्षेत्र की चारदीवारी और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य निकटवर्ती जमीन का नक्शा सेटेलाइट से तैयार किया जा रहा है। सेटेलाइट से आ रही तस्वीरों के आधार पर यूपीएसआईडीसी जमीन का मिलान मौके पर कर रहा है। इस कार्य में राजस्व विभाग सहयोग प्रदान कर रहा है।
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इस प्रक्रिया में अब तक 106 एकड़ जमीन चिह्नित हुई है जो चारदीवारी में है। इस जमीन के राजस्व रिकार्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। यह जमीन सरकारी हो सकती है। डीएम अरविंद कुमार मलप्पा ने बताया कि सर्वे किया जा रहा है। इसमें सेटेलाइट की मदद ली है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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पहले भी कई बार शासन के आदेश पर प्रशासन द्वारा जमीन की पैमाइश की जा चुकी है। अनेक प्लाट को लेकर चकबंदी के स्तर से फैसले भी जयगुरुदेव संस्था के पक्ष में हो चुके हैं। इसके बाद भी यूपीएसआईडीसी और कुछ अन्य लोग बार-बार कोर्ट की शरण लेते हैं। संस्था के कब्जे में जो जमीन है, उसका स्वामित्व भी संस्था के पास है।
-संतराम चौधरी, प्रवक्ता, जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था