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अरुण की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:10 AM IST
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मथुरा। तेरह साल के अरुण की मौत के लिए अफसर जिम्मेदार हैं। यमुना पुल में गड्ढे की मरम्मत कराना प्रशासन का जिम्मा है। कहीं कोई टूट फूट तो नहीं है यह देखना पीडब्ल्यूडी या सेतु निगम की ड्यूटी है। अफसरों को भी हर माह साइट चेक करनी होती है। लेकिन किसी ने दफ्तर से बाहर निकलना उचित नहीं समझा और एक बालक की जान चली गई। बार-बार अरुण के घरवाले और लोग अफसरों को कोस रहे हैं।
यमुना पुल के फुटपाथ पर बने गड्ढों को अमर उजाला ने पहले भी प्रशासन के समक्ष रखा था। खबर के माध्यम से बताया था कि इस गड्ढे से बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन लोकनिर्माण विभाग वालों की नींद नहीं टूटी। यह गड्ढा बड़ा होता चला गया। मंगलवार की शाम को घर से साथियों के साथ निकले 13 साल के अरुण को यह गड्ढा नजर नहीं आया और वह इसमें गिरकर सीधे यमुना में समा गया। देररात उसका शव बरामद हुआ। परिवार वालों ने जाम लगा दिया था। लेकिन लोकनिर्माण विभाग का कोई अधिकारी यहां नहीं पहुंचा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सूरज कुमार का कहना है कि यह पुल सेतु निगम का है। इसकी मरम्मत के लिए भी सेतु निगम को पैसा भी मिल चुका है।
घर वाले कर रहे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अरुण के पिता प्रेम सिंह का कहना है कि जो भी अफसर इसके लिए दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वरना तो यह अफसर लोगों की जान लेते रहेंगे। इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से भी कहा है। मोहल्ले वालों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह शासन तक जाएंगे।
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शहर में कई जगह बने मौत के गड्ढे
शहर में कई जगह मौत के गड्ढे बन गए हैं। ध्रुव घाट से सदर बाजार को जाने वाले रास्ते पर भी गड्ढा बन गया है। यहां भी कभी हादसा हो सकता है। नाले की पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है लेकिन किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
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यमुना पुल के फुटपाथ पर बने गड्ढों को अमर उजाला ने पहले भी प्रशासन के समक्ष रखा था। खबर के माध्यम से बताया था कि इस गड्ढे से बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन लोकनिर्माण विभाग वालों की नींद नहीं टूटी। यह गड्ढा बड़ा होता चला गया। मंगलवार की शाम को घर से साथियों के साथ निकले 13 साल के अरुण को यह गड्ढा नजर नहीं आया और वह इसमें गिरकर सीधे यमुना में समा गया। देररात उसका शव बरामद हुआ। परिवार वालों ने जाम लगा दिया था। लेकिन लोकनिर्माण विभाग का कोई अधिकारी यहां नहीं पहुंचा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सूरज कुमार का कहना है कि यह पुल सेतु निगम का है। इसकी मरम्मत के लिए भी सेतु निगम को पैसा भी मिल चुका है।
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घर वाले कर रहे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अरुण के पिता प्रेम सिंह का कहना है कि जो भी अफसर इसके लिए दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वरना तो यह अफसर लोगों की जान लेते रहेंगे। इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से भी कहा है। मोहल्ले वालों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह शासन तक जाएंगे।
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शहर में कई जगह बने मौत के गड्ढे
शहर में कई जगह मौत के गड्ढे बन गए हैं। ध्रुव घाट से सदर बाजार को जाने वाले रास्ते पर भी गड्ढा बन गया है। यहां भी कभी हादसा हो सकता है। नाले की पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है लेकिन किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।