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अपहर्ता गिरोह की कुंडली खंगाल रही पुलिस
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:43 PM IST
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एटा। सकीट थाना क्षेत्र के नगला इंदी निवासी अर्जुन का गुरुवार को अपहरण हो गया। शनिवार को स्कूल खुला, लेकिन गांव के बच्चे घरों से नहीं निकले। वहीं पुलिस और ग्रामीणों का गांव जाने वाले रास्ते और तिराहे पर कड़ा पहरा है। मासूम का सुराग नहीं लगने के बाद पुलिस ने आठ साल से सक्रिय अपहर्ताओं की कुंडली खंगालनी शुुरू कर दी है। थाना पुलिस को उम्मीद है दबाव बढ़ने पर अपहर्ता मासूम को गांव के आसपास इलाके में छोड़ सकते हैं।
नगला इंदी जाने वाले रास्ते से अगवा अर्जुन का तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लगा है। वहीं इकलौते बेटे के टुकड़े को तीन दिन से अलग होने पर मां रेखा का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता कुंवरपाल ने बताया कि पत्नी रेखा और बेटी शशि ने खाना नहीं खाया है और न ही घर में चूल्हा जला है। कुंवर पाल की माने तो ग्रामीण खाना घर देकर जा रहे हैं, लेकिन बेटे का सुराग नहीं लगने और अनहोनी की आशंका ने पेट की भूख मार दी है।
स्कूल में पसरा सन्नाटा
खास बात यह है कि शनिवार को स्कूल खुला, लेकिन गांव का कोई बच्चा नहंी गया। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर सहमे हुए हैं। गांव जाने वाले रास्ते से लेकर तिराहे तक पुलिस और ग्रामीणों का कड़ा पहरा है।
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वहीं पुलिस ने जिले में आठ साल से सक्रिय अपहर्ताओं के गैंग की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। ताकि समय रहते तार जोड़कर अपहर्ताओं तक पहुंच कर अर्जुन को सुरक्षित मुक्त कराया जा सके। एसओ सकीट ने बताया कि बैंक सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखा पा रहे हैं, जिससे पता चले कि कौन सी और किस नंबर की कार से मासूम को अपहरण कर ले जाया गया है। पुलिस के शक की सुई मानव तस्करों के अलावा अर्जुन के रिश्तेदारों पर भी गहराती जा रही है।
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नगला इंदी जाने वाले रास्ते से अगवा अर्जुन का तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लगा है। वहीं इकलौते बेटे के टुकड़े को तीन दिन से अलग होने पर मां रेखा का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता कुंवरपाल ने बताया कि पत्नी रेखा और बेटी शशि ने खाना नहीं खाया है और न ही घर में चूल्हा जला है। कुंवर पाल की माने तो ग्रामीण खाना घर देकर जा रहे हैं, लेकिन बेटे का सुराग नहीं लगने और अनहोनी की आशंका ने पेट की भूख मार दी है।
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स्कूल में पसरा सन्नाटा
खास बात यह है कि शनिवार को स्कूल खुला, लेकिन गांव का कोई बच्चा नहंी गया। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर सहमे हुए हैं। गांव जाने वाले रास्ते से लेकर तिराहे तक पुलिस और ग्रामीणों का कड़ा पहरा है।
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वहीं पुलिस ने जिले में आठ साल से सक्रिय अपहर्ताओं के गैंग की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। ताकि समय रहते तार जोड़कर अपहर्ताओं तक पहुंच कर अर्जुन को सुरक्षित मुक्त कराया जा सके। एसओ सकीट ने बताया कि बैंक सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखा पा रहे हैं, जिससे पता चले कि कौन सी और किस नंबर की कार से मासूम को अपहरण कर ले जाया गया है। पुलिस के शक की सुई मानव तस्करों के अलावा अर्जुन के रिश्तेदारों पर भी गहराती जा रही है।