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यहां हर समय मंडराती है मौत
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:33 PM IST
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घरों के ऊपर से जा रहे हाईटेंशन लाइन के तार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। शहर के बीच बसे राजीव गांधी नगर में रहने वाले लोग मौत के साए में जी रहे हैं। जर्जर और झूलते हाईटेंशन लाइन के तार किसी भी वक्त हादसा कर सकते हैं। कई लाइनें तो छत को छूती हुए गुजर रही हैं। हाईटेंशन लाइन से हुए हादसों में कई बुजुर्ग व बच्चे अब तक जान गवां चुके हैं। वहीं कई अपंग हुए हैं। मगर लाइन शिफ्टिंग को लेकर विद्युत विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
कोतवाली क्षेत्र में नवीन मंडी परिसर के पीछे बसी राजीव गांधी नगर की कालोनी में हर वक्त लोग दहशत में रहते हैं। सस्ती जमीन के चक्कर में लोगों ने वहां घर तो बना लिए मगर उनकी जान का खतरा हर समय सिर पर मंडराता रहता है। कालोनी से हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है। कई स्थानों पर केबल इतनी नीचे हैं कि हाथ उठाने पर ही करंट आदमी को चपेट में ले लेता है।
दहशत इतनी है कि घर में रहने वाले लोग बच्चों को छत पर खेलने भी नहीं जाने देते। मकान भी सिर्फ एक मंजिल तक ही बने हैं। मार्ग की कई गलियां भी अभी तक कच्ची हैं जिसके चलते बारिश के मौसम में एक ओर जलभराव तो दूसरी ओर करंट के प्रवाहित होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी रघुवीर ने बताया कि पिछले वर्ष हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से उनकी भैंस मर गई थी। वहीं उनका पुत्र गंभीर रूप से झुलस गया था।
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दो माह पूर्व ही दो मासूम बच्चों को करंट ने छत से नीचे फेंक दिया था। इस समस्या को लेकर हर बार विद्युत विभाग की ओर से एक ही जवाब दिया जाता है। हाईटेंशन लाइन पहले से गुजर रही है। लोगों ने सस्ती जमीन के लालच में खुद ही जोखिम मोल लिया है। फिर भी कई स्थानों पर केबल आदि डाली गई हैं।
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कोतवाली क्षेत्र में नवीन मंडी परिसर के पीछे बसी राजीव गांधी नगर की कालोनी में हर वक्त लोग दहशत में रहते हैं। सस्ती जमीन के चक्कर में लोगों ने वहां घर तो बना लिए मगर उनकी जान का खतरा हर समय सिर पर मंडराता रहता है। कालोनी से हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है। कई स्थानों पर केबल इतनी नीचे हैं कि हाथ उठाने पर ही करंट आदमी को चपेट में ले लेता है।
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दहशत इतनी है कि घर में रहने वाले लोग बच्चों को छत पर खेलने भी नहीं जाने देते। मकान भी सिर्फ एक मंजिल तक ही बने हैं। मार्ग की कई गलियां भी अभी तक कच्ची हैं जिसके चलते बारिश के मौसम में एक ओर जलभराव तो दूसरी ओर करंट के प्रवाहित होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी रघुवीर ने बताया कि पिछले वर्ष हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से उनकी भैंस मर गई थी। वहीं उनका पुत्र गंभीर रूप से झुलस गया था।
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दो माह पूर्व ही दो मासूम बच्चों को करंट ने छत से नीचे फेंक दिया था। इस समस्या को लेकर हर बार विद्युत विभाग की ओर से एक ही जवाब दिया जाता है। हाईटेंशन लाइन पहले से गुजर रही है। लोगों ने सस्ती जमीन के लालच में खुद ही जोखिम मोल लिया है। फिर भी कई स्थानों पर केबल आदि डाली गई हैं।