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भुगरिवां में टला खूनी संघर्ष
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:11 PM IST
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murder
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मारहरा। दलित परिवार की भूमि और मकान पर कब्जे को लेकर शनिवार को भुरिगवां गांव में खूनी संघर्ष होने से बच गया। दोनो पक्षों के लोग अवैध असलाह और लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी। सही वक्त पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
भुरिगवां गांव निवासी चंद्र प्रकाश ने कई साल पहले एक घर और आबादी की भूमि का बैनामा कराया था। भूमि को गांव निवासी राजू ने अपना बता कर एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया, लेकिन खारिज हो गया। इसके बाद राजू ने सिविल जज कोर्ट में डाला तो राजू के पक्ष में आदेश हो गया।
जब चंद्रप्रकाश को आदेश का पता चला तो कोर्ट में ऐतराज दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई आगामी सात जुलाई को होनी है। इसके बाद भी राजू ने शनिवार को विवादित भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की तो दोनो पक्षों केआमने-सामने आने से माहौल गरमा गया।
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अवैध हथियारों से लैस दोनो पक्षाें के लोग एक दूसरे पर हमला करने को उतारू हो गए। ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने दोनो पक्ष के चार लोगों को गिरफ्तार कर खूनी संघर्ष होने से रोक दिया। एसडीएम सदर क्रांति शेखर सिंह ने कहा कि विवादित स्थल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में निर्माण रुकवाने के आदेश मारहरा पुलिस को दिए गए हैं।
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भुरिगवां गांव निवासी चंद्र प्रकाश ने कई साल पहले एक घर और आबादी की भूमि का बैनामा कराया था। भूमि को गांव निवासी राजू ने अपना बता कर एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया, लेकिन खारिज हो गया। इसके बाद राजू ने सिविल जज कोर्ट में डाला तो राजू के पक्ष में आदेश हो गया।
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जब चंद्रप्रकाश को आदेश का पता चला तो कोर्ट में ऐतराज दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई आगामी सात जुलाई को होनी है। इसके बाद भी राजू ने शनिवार को विवादित भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की तो दोनो पक्षों केआमने-सामने आने से माहौल गरमा गया।
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अवैध हथियारों से लैस दोनो पक्षाें के लोग एक दूसरे पर हमला करने को उतारू हो गए। ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने दोनो पक्ष के चार लोगों को गिरफ्तार कर खूनी संघर्ष होने से रोक दिया। एसडीएम सदर क्रांति शेखर सिंह ने कहा कि विवादित स्थल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में निर्माण रुकवाने के आदेश मारहरा पुलिस को दिए गए हैं।