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तीन साल में बने महज 1200 शौचालय
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:55 PM IST
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शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। स्वच्छ भारत मिशन को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा खासी लापरवाही बरती जा रही है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 32 हजार से अधिक प्राप्त आवेदनों में से तीन साल में मात्र 1207 शौचालय ही बन सके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत जिन घरों में शौचालय नहीं बने हैं, उन घरों में शौचालय निर्माण को सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है।
वर्ष 2014 से अब तक नगर निगम प्रशासन को ऑनलाइन व मैनुअल कुल 32626 आवेदन प्राप्त हुए थे। नगर निगम द्वारा सुपरवाइजरों के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच कराई गईं, जिसमें नगर निगम सीमा से बाहर व अपात्रों के अबतक 19370 आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं।
जांच के बाद कुल 13256 आवेदन शेष बचे हैं। तीन साल में 32626 आवेदनों के सापेक्ष नगर निगम प्रशासन मात्र 1207 शौचालयों का निर्माण ही पूरा करा सका है। नगर निगम द्वारा 2567 आवेदकों के खाते में शौचालय निर्माण की प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। स्वच्छता सर्वेक्षण की रेंकिंग में फिसलने के बाद भी विभागीय अफसर स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
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नगर निगम प्रशासन को शहर के 42 वार्डों को ओडीएफ घोषित करने के लिए अक्तूबर-17 तक समय सीमा निर्धारित हैं लेकिन नगर निगम अभी तक मात्र 12 वार्ड ही ओडीएफ घोषित कर सका है।
प्रभारी नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पात्र व्यक्तियों के फार्म भरवाए जा रहे हैं। उन्हें बैंकों के माध्यम से खातों में धनराशि ट्रांसफर की जा रही है। वार्डों को ओडीएफ घोषित करने पर लगातार कार्य चल रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत जिन घरों में शौचालय नहीं बने हैं, उन घरों में शौचालय निर्माण को सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है।
वर्ष 2014 से अब तक नगर निगम प्रशासन को ऑनलाइन व मैनुअल कुल 32626 आवेदन प्राप्त हुए थे। नगर निगम द्वारा सुपरवाइजरों के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच कराई गईं, जिसमें नगर निगम सीमा से बाहर व अपात्रों के अबतक 19370 आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं।
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जांच के बाद कुल 13256 आवेदन शेष बचे हैं। तीन साल में 32626 आवेदनों के सापेक्ष नगर निगम प्रशासन मात्र 1207 शौचालयों का निर्माण ही पूरा करा सका है। नगर निगम द्वारा 2567 आवेदकों के खाते में शौचालय निर्माण की प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। स्वच्छता सर्वेक्षण की रेंकिंग में फिसलने के बाद भी विभागीय अफसर स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
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नगर निगम प्रशासन को शहर के 42 वार्डों को ओडीएफ घोषित करने के लिए अक्तूबर-17 तक समय सीमा निर्धारित हैं लेकिन नगर निगम अभी तक मात्र 12 वार्ड ही ओडीएफ घोषित कर सका है।
प्रभारी नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पात्र व्यक्तियों के फार्म भरवाए जा रहे हैं। उन्हें बैंकों के माध्यम से खातों में धनराशि ट्रांसफर की जा रही है। वार्डों को ओडीएफ घोषित करने पर लगातार कार्य चल रहा है।