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गजब का हाल: आगरा में बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के दौड़ रहे 80 फीसदी वाहन, आरटीओ हुए लापरवाह
Sun, 28 Jul 2024 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 28 Jul 2024 10:00 AM IST
सार
आगरा में बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के 80 फीसदी वाहन दौड़ रहे हैं। आलम ये है कि वाहन स्वामी ही नहीं, आरटीओ भी लापरवाह नजर आ रहे हैं।
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प्रदूषण जांच केंद्र
- फोटो : अनुज कुमार
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विस्तार
आगरा में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई सख्त नियम लागू होने के बाद भी वाहन स्वामी और आरटीओ लापरवाह नजर आ रहे हैं। 80 फीसदी से अधिक दो और चार पहिया वाहन बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के दौड़ रहे है। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र न होने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना है। इसे लेकर 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
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अधिवक्ता केसी जैन की तरफ से वाहन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त आंकड़े आश्चर्य में डालने वाले आए है। देशभर में वर्ष 2019 से 2024 तक करीब 28,54,01,192 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। वर्ष 2024 में अब तक 4,28,92,309, 2023 में 7,25,29,805, 2024 में 6,48,04,605, 2021 में 5,41,74,496, 2020 में 3,46,49,947 और 2019 में 1,63,50,030 प्रदूषण नियंत्रण पत्र बने है। जबकि वाहनों की संख्या के मुकाबले 20 प्रतिशत लोग प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनवाते है।
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अधिवक्ता के अनुसार मोटर वाहनों की संख्या के हिसाब से 11.81 से 21.54 प्रतिशत लोग प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनवा रहे है। इसी वजह से वाहनों से होने वाले प्रदूषण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ता ने याचिका में इलेक्ट्रोनिक मॉनिटरिंग से वाहनों की जांच कर ई-चालान करने की मांग की है।
नाममात्र किए जाते हैं चालान
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को लेकर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। परिवहन मंत्रालय की सूचना के अनुसार वर्ष 2020 में 1,66,215, 2021 में 2,45,768, 2024 में 5,02,551, 2023 में 6,82,914 और 2024 में अब तक 2,40,272 चालान प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को लेकर किए गए है।
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को लेकर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। परिवहन मंत्रालय की सूचना के अनुसार वर्ष 2020 में 1,66,215, 2021 में 2,45,768, 2024 में 5,02,551, 2023 में 6,82,914 और 2024 में अब तक 2,40,272 चालान प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को लेकर किए गए है।