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10 साल में 8.36 लाख बढ़ गई आगरा की आबादी
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आगरा। दस साल में आगरा की आबादी 8.36 लाख बढ़ गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने जिले की जनसंख्या के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ही 2022 चुनाव के लिए नौ विधान सभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियां बन रही हैं। 2011 में जिले की आबादी 44.18 लाख थी, जो अब 2021 में 52.54 लाख अनुमानित है। जिनमें पुरुषों की आबादी 28.06 लाख और महिलाओं की जनसंख्या 24.47 लाख है।
नौ विधान सभा क्षेत्रों में आगरा ग्रामीण में सबसे अधिक 6.45 लाख आबादी है। एत्मादपुर और आगरा दक्षिण क्षेत्र में भी जनसंख्या छह लाख से अधिक है। कोरोना संक्रमण के कारण जनवरी 2020 से जनगणना अधर में लटकी है। एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना योगेंद्र कुमार ने बताया कि आयोग के मुताबिक 2021 में 52.54 लाख आबादी का अनुमान है। यह आंकड़ा आयोग ने ही उपलब्ध कराया है। जिसके आधार पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा वास्तविक जनगणना दो चरणों में होगी। जनगणना में करीब 12 से 18 महीने का समय लगेगा। मार्च 2022 तक जनगणना के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक हो सकेंगे।
बढ़ सकती है आबादी
एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सर्वे के आधार पर 2021 में अनुमानित जनसंख्या के आंकड़े जारी किए हैं। मार्च 2022 तक वास्तविक जनगणना के दोनों चरण पूर्ण होने के बाद आबादी और बढ़ सकती है। साथ ही इस बार जातिगत जनगणना की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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आज प्रशिक्षण देंगे महानिदेशक
उत्तर प्रदेश जनगणना महानिदेशक अभिषेक जैन मंगलवार को सर्किट हाउस में 2021 जनगणना के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। जिसमें जिलाधिकारी नगरायुक्त, एडीएम वित्त, सीएमओ, डीपीआरओ व तहसीलदार शामिल होंगे। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अभिषेक जैन 2002 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
नए पैटर्न पर होगी जनगणना
2021 की जनगणना नए पैटर्न पर होगी। पहली बार मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से भी 690 ग्राम पंचायत व नगर निगम के 100 वार्डों में गणना रजिस्टर बनाए जाएंगे। पिछले साल जनवरी में एक प्रशिक्षण हो चुका है। इस बार जनगणना के लिए ग्रामवार रजिस्टर बनाए जा रहे हैं।
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नौ विधान सभा क्षेत्रों में आगरा ग्रामीण में सबसे अधिक 6.45 लाख आबादी है। एत्मादपुर और आगरा दक्षिण क्षेत्र में भी जनसंख्या छह लाख से अधिक है। कोरोना संक्रमण के कारण जनवरी 2020 से जनगणना अधर में लटकी है। एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना योगेंद्र कुमार ने बताया कि आयोग के मुताबिक 2021 में 52.54 लाख आबादी का अनुमान है। यह आंकड़ा आयोग ने ही उपलब्ध कराया है। जिसके आधार पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा वास्तविक जनगणना दो चरणों में होगी। जनगणना में करीब 12 से 18 महीने का समय लगेगा। मार्च 2022 तक जनगणना के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक हो सकेंगे।
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बढ़ सकती है आबादी
एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सर्वे के आधार पर 2021 में अनुमानित जनसंख्या के आंकड़े जारी किए हैं। मार्च 2022 तक वास्तविक जनगणना के दोनों चरण पूर्ण होने के बाद आबादी और बढ़ सकती है। साथ ही इस बार जातिगत जनगणना की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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आज प्रशिक्षण देंगे महानिदेशक
उत्तर प्रदेश जनगणना महानिदेशक अभिषेक जैन मंगलवार को सर्किट हाउस में 2021 जनगणना के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। जिसमें जिलाधिकारी नगरायुक्त, एडीएम वित्त, सीएमओ, डीपीआरओ व तहसीलदार शामिल होंगे। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अभिषेक जैन 2002 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
नए पैटर्न पर होगी जनगणना
2021 की जनगणना नए पैटर्न पर होगी। पहली बार मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से भी 690 ग्राम पंचायत व नगर निगम के 100 वार्डों में गणना रजिस्टर बनाए जाएंगे। पिछले साल जनवरी में एक प्रशिक्षण हो चुका है। इस बार जनगणना के लिए ग्रामवार रजिस्टर बनाए जा रहे हैं।