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कासगंज जिला जेल में पनपे विवाद की अब होगी जांच
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:02 PM IST
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कासगंज। जिला जेल के जेल अधीक्षक एवं जेल चिकित्सक ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों का यह मामला सुर्खियों में आने के बाद तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों ओर से जिलाधिकारी के समक्ष भी शिकायत भेजी गईं हैं। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। जेल अधीक्षक और जेल चिकित्सक के आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी आरपी सिंह ने टीम गठित की है। यह टीम जांच करके अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित करेगी उसके बाद कार्रवाई तय होगी।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने जांच का जिम्मा अपर जिलाधिकारी वित्त योगेंद्र कुमार, एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी एवं सीएमओ डा. प्रतिभा श्रीवास्तव को सौंपा है। तीनों ही अधिकारियों की टीम जेल अधीक्षक और जेल चिकित्सक के आरोपों की जांच करेगी। जेल अधीक्षक का आरोप है कि जेल में तैनात चिकित्सक डा. विनोद कुमार शर्मा द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है।
वह जेल नियमों को तोड़कर मोबाइल अपने साथ में रखना चाहते हैं। जिसका दुरुपयोग संभव है। बंदियों के इलाज में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। वहीं जेल के चिकित्सक विनोद कुमार शर्मा का कहना है कि जेल की कैंटीन में नशीले पदार्थ मिलते हैं और बंदियों को मानकों के विपरीत भोजन दिया जाता है। जेल चिकित्सक ने मानसिक रूप से शोषण करने का भी आरोप लगाया। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से मामला सुर्खियों में आ गया।
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जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में टीम जांच करेगी। अधिकारियों की टीम हर बिंदु पर तहकीकात करेगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने जांच का जिम्मा अपर जिलाधिकारी वित्त योगेंद्र कुमार, एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी एवं सीएमओ डा. प्रतिभा श्रीवास्तव को सौंपा है। तीनों ही अधिकारियों की टीम जेल अधीक्षक और जेल चिकित्सक के आरोपों की जांच करेगी। जेल अधीक्षक का आरोप है कि जेल में तैनात चिकित्सक डा. विनोद कुमार शर्मा द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है।
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वह जेल नियमों को तोड़कर मोबाइल अपने साथ में रखना चाहते हैं। जिसका दुरुपयोग संभव है। बंदियों के इलाज में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। वहीं जेल के चिकित्सक विनोद कुमार शर्मा का कहना है कि जेल की कैंटीन में नशीले पदार्थ मिलते हैं और बंदियों को मानकों के विपरीत भोजन दिया जाता है। जेल चिकित्सक ने मानसिक रूप से शोषण करने का भी आरोप लगाया। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से मामला सुर्खियों में आ गया।
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जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में टीम जांच करेगी। अधिकारियों की टीम हर बिंदु पर तहकीकात करेगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।