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जलस्तर बढ़ते ही बनने लगे बाढ़ के हालात
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:24 PM IST
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खतरे के निशान से पार गंगा का जलस्तर
- फोटो : amar ujala
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कासगंज।
तीन दिन की राहत के बाद फिर से गंगा उफान भरने लगी है। पहाड़ों पर हो रहीं लगातार बादल फटने की घटनाएं और भारी बारिश के कारण गंगा में भी उफान उठने लगा है। हरिद्वार से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है जिसका दबाव बिजनौर और नरौरा बैराज पर बढ़ रहा है। एक बार फिर तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंताएं बढ़ने लगीं हैं। प्रशासन ने फिर से अलर्ट जारी कर दिया है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश और बादल फटने से तबाही का असर गंगा से मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि और हो गई। गंगा का जलस्तर 163.50 के निशान पर पहुंच चुका है। अभी गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। हरिद्वार से 77 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बिजनौर बांध की ओर था। वहीं बिजनौर से 1.13 लाख क्यूसेक एवं नरौरा से 1.30 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में गंगा का पानी फिर से कई गांव तक दस्तक देगा। अभी समसपुर, नरदौली, बहोरनपुर, ऊलाईखेड़ा, मेहोल व इनके आस पास के गांव में गंगा के पानी की दस्तक तेज हो सकी है। इन इलाकों के खेत खलिहानों में पहले से ही गंगा का पानी जमा हुआ है। बार-बार गंगा में हो रहे उतार चढ़ाव से सबसे ज्यादा खतरा गंगा के तटबंधों को हो रहा है। यदि कोई भी तटबंध कटान की चपेट में आ गया तो हालात बिकराल होते देर नहीं लगेगी। जानकार लोगों का मानना है कि पहाड़ों की बारिश से कभी भी विकराल हालात पैदा हो सकती हैं। पहले भी यहां पहाड़ों पर आफत के बाद मैदानी इलाकों में प्रभाव आया था। इससे बड़ी क्षति का सामना करना पड़ा। प्रशासन लगातार हालातों की निगरानी कर हा है। सिंचाई विभाग दैनिक रिपोर्ट तटबंधों और जलस्तर के संबंध में ले रहा है।
जिलेभर में सतर्कता जारी है। अभी तक कहीं के भी हालात बिगड़े नहीं हैं। तटवर्ती इलाकों में पूरी नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग और तहसीलों के अधिकारी लगातार अपने-अपने इलाकों में दौरा करके स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गंगा में पानी बढ़ा है, लेकिन कोई खतरे की बात नहीं हैं। आरपी सिंह, जिलाधिकारी।
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डिस्चार्ज-
हरिद्वार बैराज से डिस्चार्ज- 77073
बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज-113748
नरौर बैराज से डिस्चार्ज- 130178
कछला ब्रिज पर गेज- 163.50
पिछले एक सप्ताह में कछला पर गंगा का जलस्तर
1 अगस्त- 163.65
2 अगस्त- 163.45
3 अगस्त- 163.25
4 अगस्त- 163.20
5 अगस्त- 163.05
6 अगस्त- 163.30
7 अगस्त- 163.50
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तीन दिन की राहत के बाद फिर से गंगा उफान भरने लगी है। पहाड़ों पर हो रहीं लगातार बादल फटने की घटनाएं और भारी बारिश के कारण गंगा में भी उफान उठने लगा है। हरिद्वार से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है जिसका दबाव बिजनौर और नरौरा बैराज पर बढ़ रहा है। एक बार फिर तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंताएं बढ़ने लगीं हैं। प्रशासन ने फिर से अलर्ट जारी कर दिया है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश और बादल फटने से तबाही का असर गंगा से मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि और हो गई। गंगा का जलस्तर 163.50 के निशान पर पहुंच चुका है। अभी गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। हरिद्वार से 77 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बिजनौर बांध की ओर था। वहीं बिजनौर से 1.13 लाख क्यूसेक एवं नरौरा से 1.30 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में गंगा का पानी फिर से कई गांव तक दस्तक देगा। अभी समसपुर, नरदौली, बहोरनपुर, ऊलाईखेड़ा, मेहोल व इनके आस पास के गांव में गंगा के पानी की दस्तक तेज हो सकी है। इन इलाकों के खेत खलिहानों में पहले से ही गंगा का पानी जमा हुआ है। बार-बार गंगा में हो रहे उतार चढ़ाव से सबसे ज्यादा खतरा गंगा के तटबंधों को हो रहा है। यदि कोई भी तटबंध कटान की चपेट में आ गया तो हालात बिकराल होते देर नहीं लगेगी। जानकार लोगों का मानना है कि पहाड़ों की बारिश से कभी भी विकराल हालात पैदा हो सकती हैं। पहले भी यहां पहाड़ों पर आफत के बाद मैदानी इलाकों में प्रभाव आया था। इससे बड़ी क्षति का सामना करना पड़ा। प्रशासन लगातार हालातों की निगरानी कर हा है। सिंचाई विभाग दैनिक रिपोर्ट तटबंधों और जलस्तर के संबंध में ले रहा है।
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जिलेभर में सतर्कता जारी है। अभी तक कहीं के भी हालात बिगड़े नहीं हैं। तटवर्ती इलाकों में पूरी नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग और तहसीलों के अधिकारी लगातार अपने-अपने इलाकों में दौरा करके स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गंगा में पानी बढ़ा है, लेकिन कोई खतरे की बात नहीं हैं। आरपी सिंह, जिलाधिकारी।
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डिस्चार्ज-
हरिद्वार बैराज से डिस्चार्ज- 77073
बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज-113748
नरौर बैराज से डिस्चार्ज- 130178
कछला ब्रिज पर गेज- 163.50
पिछले एक सप्ताह में कछला पर गंगा का जलस्तर
1 अगस्त- 163.65
2 अगस्त- 163.45
3 अगस्त- 163.25
4 अगस्त- 163.20
5 अगस्त- 163.05
6 अगस्त- 163.30
7 अगस्त- 163.50