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जनपद में लो फ्लड के हालात, बांध कटने का खतरा बढ़ा

Sun, 29 Jul 2018 10:55 PM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:55 PM IST
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Low flood situation in the district increases the risk of dam cutting
गंगा से कटान प्रभावित इलाकों का लिया जायजा - फोटो : अमर उजाला

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कासगंज। नरौरा बैराज से जिले की ओर पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। इससे जिले में लो फ्लड के हालात बन रहे है। लो फ्लड का जनजीवन पर कोई असर नहीं है, लेकिन गंगा के तटवर्ती इलाकों में बंाधों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। इससे बरौना गांव के बांध में कटान शुरू हो गया है। जबकि अन्य बांधों पर खतरा बना हुआ है।

नरौरा से सुबह आठ बजे गंगा में 134260 क्यूसेक पानी का जिले की ओर डिस्चार्ज था। इससे कछला पर गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद भी दिन भर लगातार जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों के बीच खलबली है। ग्रामीण अपने-अपने इलाके के बांधों की रखवाली कर रहे हैं। बरौना गांव में कच्चा बांध कटने लगा।
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बांध की काफी मिट्टी कटी नजर आई, लेकिन अभी सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए कोई काम शुरू नहीं कराया है। बरौना के अलावा असदगढ़ बांध, उढ़ेर बांध व अन्य बांधों पर खतरा हो सकता है। कादरगंज पर कटान के नजदीक असदगढ़ बांध है। सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए स्टड पर भी गंगा का पानी पहुंच गया है। न्यौली तटबंध गंगानदी के दाहिने किनारे पर स्थित है, जो सहवाजपुर तक जाता है। इसे भी खतरा बना है।
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समसपुर, नरदौली आदि क्षेत्रों में भी तटबंधों को खतरा है। यदि कोई भी बांध कटा तो बांध के समीपवर्ती गांव में बाढ़ के हालात हो जाएंगे।
गंगा में हरिद्वार और बिजनौर से भी पानी का दबाव लगातार बना होने के कारण और वृद्धि की आशंका है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। सिंचाई विभाग भी बढ़ते जलस्तर के कारण अलर्ट है। लगातार सिंचाई विभाग के अधिकारी दौरा करके स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

काली नदी भी उफनाई, कटने लगे तट
कासगंज। काली नदी में भी शनिवार की सायं से पानी बढ़ गया है। काली नदी में पानी बढने के कारण तटों का कटान शुरू हो गया है। काली नदी में यह उफान काफी समय के बाद आया है। नहरें फुल होने के कारण काली नदी की ओर हजारा नहर से पानी छोड़ा गया है। हजारा नहर का पानी लगातार काली नदी में आ रहा है। अहरौली व आस पास के ग्रामीण इलाकों में काली नदी के बढ़ते पानी से हड़कंप है। पानी बढने के कारण काली नदी के निर्माणाधीन पुल का काम भी रुक गया है। निर्माण के लिए पड़ी लोहे की सरियां भी पानी में डूब गई हैं। निर्माणदायी संस्था ने इन सरियों को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन नहीं निकल सकीं। फिलहाल पुल के निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। काली नदी के तट पर लगे कई पेड़ भी नदी में समा चुके हैं।


- जिले में लो फ्लड के हालात बने हुए हैं। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है। सोमवार को भी जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान है। अभी जिले में किसी भी गांव में पानी नहीं घुसा है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। तटबंधों की निरंतर निगरानी की जा रही है और मरम्मत का कार्य जारी है।
एके सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग

पानी का डिस्चार्ज-
हरिद्वार- 80706 क्यूसेक
बिजनौर- 122452 क्यूसेक
नरौरा- 134260 क्यूसेक
कछला का जलस्तर- 163.40
लो फ्लड की सीमा- 1 लाख से डेढ़ लाख क्यूसेक तक
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