{"_id":"5b560b444f1c1b49748b6841","slug":"71532365636-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अबकी 2:14 मिनट ही हो सकेगी गुरुजनों की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अबकी 2:14 मिनट ही हो सकेगी गुरुजनों की पूजा
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। इस बार गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं की पूजा करने के लिए शिष्यों को कम समय मिलेगा। इस बार 27 जुलाई को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा का पर्व भद्रा और चंद्र ग्रहण के सूतक से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में देवी देवताओं के पूजन के साथ गुरुओं के पूजन के लिए मात्र 2:14 मिनट का समय ही मिलेगा।
अरुणा नगर निवासी पंडित अरुण नारायण भास्कर उपाध्याय ने बताया कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा 26 जुलाई को रात 11 बजे से प्रारंभ होगी। उसके साथ ही भद्रा का भी समय प्रारंभ हो गया। 27 जुलाई को सूर्योदय के साथ ही पर्व पर पूजा अर्चना का विधान होते हुए भी भद्रा का प्रभाव गुरुजनों का पूजन अर्चन करने में बाधा बनेगा।
भद्रा काल दोपहर 12:18 बजे समाप्त होते ही दोपहर 2:32 से चंद्र गृहण का सूतक लग जाएगा। 28 जुलाई को रात 3:34 बजे पर ग्रहण काल समाप्त होने पर गृहण का दोष समाप्त होगा। इस स्थिति में गुरुजनों और देवी देवताओं के पूजन के लिए 27 जुलाई को दोपहर 12:18 से लेकर दोपहर 2:32 के मध्य का समय ही पूजा अर्चना के लिए शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण भारत के साथ समीपवर्ती देशों में भी दिखाई देगा।
विज्ञापन
मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों के लिए ग्रहण अच्छे फल देने वाला रहेगा। मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों के लिए अशुभ फल दायक रहेगा। वृषभ, कर्क, कन्या व धनु राशि के लोगों के लिए सामान्य फल देने वाला होगा। मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोग इस गृहण का दर्शन न करें।
विज्ञापन
अरुणा नगर निवासी पंडित अरुण नारायण भास्कर उपाध्याय ने बताया कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा 26 जुलाई को रात 11 बजे से प्रारंभ होगी। उसके साथ ही भद्रा का भी समय प्रारंभ हो गया। 27 जुलाई को सूर्योदय के साथ ही पर्व पर पूजा अर्चना का विधान होते हुए भी भद्रा का प्रभाव गुरुजनों का पूजन अर्चन करने में बाधा बनेगा।
विज्ञापन
भद्रा काल दोपहर 12:18 बजे समाप्त होते ही दोपहर 2:32 से चंद्र गृहण का सूतक लग जाएगा। 28 जुलाई को रात 3:34 बजे पर ग्रहण काल समाप्त होने पर गृहण का दोष समाप्त होगा। इस स्थिति में गुरुजनों और देवी देवताओं के पूजन के लिए 27 जुलाई को दोपहर 12:18 से लेकर दोपहर 2:32 के मध्य का समय ही पूजा अर्चना के लिए शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण भारत के साथ समीपवर्ती देशों में भी दिखाई देगा।
विज्ञापन
मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों के लिए ग्रहण अच्छे फल देने वाला रहेगा। मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों के लिए अशुभ फल दायक रहेगा। वृषभ, कर्क, कन्या व धनु राशि के लोगों के लिए सामान्य फल देने वाला होगा। मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोग इस गृहण का दर्शन न करें।