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एडीएम के नोटिस पर भड़के किसान, प्रदर्शन

Thu, 05 Jul 2018 11:53 PM IST
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:53 PM IST
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एडीएम के नोटिस पर भड़के किसान, प्रदर्शन
कटरा समान(मैनपुरी)। समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा देने के लिए एडीएम भूमि अध्यापित आगरा की ओर से जारी किए गए नोटिसों के बाद पीड़ित किसान भड़क गए हैं।
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किसानों ने समान पक्षी विहार पहुंचकर नोटिस तो लिए लेकिन मुआवजा लेने से मना कर दिया। किसानों की मांग है उनको वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाए।
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समान पक्षी विहार के लिए शासन ने 912 किसानों की 294.8760 हेक्टेयर जमीन वर्ष 1990 में अधिग्रहीत की थी। अधिग्रहण की अधिसूचना 1997 को शासन ने जारी की, लेकिन जमीन अवार्ड नहीं की गई।
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किसानों को पुराने सर्किल रेट से मुआवजा देेने की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों ने विरोध करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने छह महीने में डीएम को मामला निस्तारित करने को कहा।


समय सीमा में निस्तारित नहीं होने पर न्यायालय की अवमानना में डीएम ने 28 मई 2018 को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जमीन 23 मई 2018 को अवार्ड कर दी गई है।


इसके बाद एडीएम भूमि अध्याप्ति आगरा ने किसानों को मुआवजा की धनराशि वितरण के लिए नोटिस जारी कर दिए। नोटिस में कहा गया 12 जुलाई को तहसील किशनी में संबंधित किसानों को मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।


गुरुवार को समान पक्षी विहार से किसानों को नोटिस वितरित किए गए तो किसान भड़क गए। पीड़ित किसान घनश्याम दास गुप्ता, शिवेंद्र चौहान, रामवीर यादव का कहना है मुआवजा की धनराशि 42000 प्रति एकड़ बहुत कम है।


28 साल से वह जमीन से कोई लाभ नहीं ले रहे हैं। उनको काफी नुकसान हुआ है। सरकार को वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा देना चाहिए। सरकार को कौडिय़ों के दाम जमीन नहीं दी जाएगी।


किसानों ने नोटिस तो लिए हैं लेकिन मुआवजा लेने से साफ मना कर दिया है। सरकार वर्ष 1990 के सर्किल रेट से मुआवजा देना चाहती है लेकिन उनको 2013 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए।


नोटिस लेने के बाद भड़के किसानों ने समान पक्षी विहार पर प्रदर्शन किया। उनका कहना था सरकार ने उनकी रोजी रोटी छीन ली है। सरकार उनका हक मारना चाहती है।


28 साल में तो वह इस जमीन से लाखों रुपये पैदा कर सकते थे। सरकार पुराने सर्किल रेट से मुआवजा दे रही है जो किसी कीमत पर नहीं लिया जाएगा। पीड़ित किसान हाईकोर्ट की एक बार फिर शरण लेंगे।


घनश्याम दास गुप्ता, रामवीर यादव, शिवेंद्र चौहान, रामनरेश यादव, सर्वेश यादव, मुकीम खां, रक्षपाल यादव, भूदेश यादव, संतोष यादव, शिवम यादव, प्रमोद यादव, कोमल सिंह यादव, बुद्धरतन जाटव मौजूद रहे।



वर्ष 2015-16 में तीन किस्तों में डीएम के खाते में मुआवजा राशि के लिए 234 करोड़ रुपये जमा कराया। 1990 के सर्किल रेट से किसानों का मुआवजा 12.23 करोड़ रुपया बनता है।


अगर 2013 के सकल रेट से मुआवजा मिलता है तो सरकार को 365 करोड़ रुपया मुआवजा देना होगा।
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