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बीमा कंपनी ने वापस कर दीं किसानों की अर्जी
Updated Sun, 13 May 2018 08:32 PM IST
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मथुरा। इस साल 11 अप्रैल को ओलावृष्टि और तेज बरसात से खराब हुई फसल का बीमा मांग रहे किसानों के प्रार्थना पत्र बीमा कंपनी ने एक बार फिर से लेने से इंकार कर दिया। एक मई के बाद किसानों द्वारा कृषि अधिकारियों से की गई शिकायतों को बीमा कंपनी के लोग नहीं ले रहे।
11 अप्रैल को हुई तेज बरसात और आंधी आने और ओलावृष्टि से जनपद के हजारों किसानों की फसल खराब हो गई है। इस पर जनपद से आठ हजार से अधिक किसानों ने 30 अप्रैल तक बीमित फसल की बीमा राशि दिलाने की मांग को लेकर कृषि अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
कृषि अधिकारियों ने रिपोर्ट लगाकर इन शिकायतों को प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने वाली टाटा एआईजी कंपनी के लोगों को सौंप दी। एक मई के बाद अब तक 1500 किसानों ने बीमित फसल की बीमा राशि लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिए लेकिन अब बीमा कंपनी के लोग इन प्रार्थना पत्रों को स्वीकार नहीं कर रहे।
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इस संबंध में उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार ने बताया कि बीमा कंपनी ने किसानों के प्रार्थना पत्र नहीं ले रही। डीएम को किसानों की समस्या से अवगत करा दिया है। किसानों की शिकायतों को रजिस्ट्री से बीमा कंपनी के मुंबई स्थित मुख्यालय भिजवाया जा रहा है।
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11 अप्रैल को हुई तेज बरसात और आंधी आने और ओलावृष्टि से जनपद के हजारों किसानों की फसल खराब हो गई है। इस पर जनपद से आठ हजार से अधिक किसानों ने 30 अप्रैल तक बीमित फसल की बीमा राशि दिलाने की मांग को लेकर कृषि अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
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कृषि अधिकारियों ने रिपोर्ट लगाकर इन शिकायतों को प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने वाली टाटा एआईजी कंपनी के लोगों को सौंप दी। एक मई के बाद अब तक 1500 किसानों ने बीमित फसल की बीमा राशि लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिए लेकिन अब बीमा कंपनी के लोग इन प्रार्थना पत्रों को स्वीकार नहीं कर रहे।
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इस संबंध में उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार ने बताया कि बीमा कंपनी ने किसानों के प्रार्थना पत्र नहीं ले रही। डीएम को किसानों की समस्या से अवगत करा दिया है। किसानों की शिकायतों को रजिस्ट्री से बीमा कंपनी के मुंबई स्थित मुख्यालय भिजवाया जा रहा है।