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रात होते ही 100 शैय्या का अस्पताल बन जाता है ‘मधुशाला’
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:43 PM IST
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मैनपुरी। रखरखाव के अभाव में 16.10 करोड़ रुपये की लागत से बना 100 शैय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल शराबी और अराजकतत्वों की भेंट चढ़ रहा है। अस्पताल का उद्घाटन होने के बाद भी यहां कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जा रही है। इसका नतीजा यह है कि रात होते ही यहां शराबी जमकर शराब पीने के बाद तोड़फोड़ करते हैं। साथ ही इसके सामान को गायब कर बेच देते हैं।
100 शैय्या अस्पताल का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल के अंत समय में लखनऊ से ही किया था। यहां तीन डॉक्टर व फार्मासिस्टों की तैनाती कर दी गई, लेकिन न तो यहां के लिए फर्नीचर भेजा और न ही चतुर्थश्रेणी कर्मचारी। अस्पताल के लिए चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की तैनाती न होने के कारण यहां शाम होते ही अराजकतत्वों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी रेलिंग को अराजकतत्वों ने उखाड़ दिया। वहीं, कई जगह शीशे भी तोड़ दिए। यही नहीं रखरखाव के अभाव में यहां लगाए गए पौधे भी सूखने लगे हैं।
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100 शैय्या अस्पताल का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल के अंत समय में लखनऊ से ही किया था। यहां तीन डॉक्टर व फार्मासिस्टों की तैनाती कर दी गई, लेकिन न तो यहां के लिए फर्नीचर भेजा और न ही चतुर्थश्रेणी कर्मचारी। अस्पताल के लिए चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की तैनाती न होने के कारण यहां शाम होते ही अराजकतत्वों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी रेलिंग को अराजकतत्वों ने उखाड़ दिया। वहीं, कई जगह शीशे भी तोड़ दिए। यही नहीं रखरखाव के अभाव में यहां लगाए गए पौधे भी सूखने लगे हैं।
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